राजधानी रांची में सक्रिय बाइक चोरी करने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 12 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की हैं और इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी चोरी की बाइकों का नंबर प्लेट बदलकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेचने का काम करते थे।
वाहन चेकिंग में पकड़ा गया आरोपी
पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवक अपाची बाइक से रामपुर की ओर जा रहा है। इसके बाद SSP रांची के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर सिदरॉल जोड़ा मंदिर के पास वाहन जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान नीले रंग की अपाची बाइक (JH01EM-3762) के साथ एक युवक को पकड़ा गया।
पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान अभय सिंह उर्फ मन्नु सिंह के रूप में बताई। उसने स्वीकार किया कि बाइक चोरी की है और उसे नामकुम बाजार से चुराया गया था, जिसे नंबर प्लेट बदलकर बेड़ो में बेचने ले जाया जा रहा था।
जेल से निकलकर बनाया चोरी का गिरोह
पुलिस पूछताछ में अभय सिंह ने खुलासा किया कि वह पहले भी बाइक चोरी के मामले में जेल जा चुका है। जेल में उसकी मुलाकात वसीम ओहदार से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने मिलकर एक गिरोह तैयार किया, जो रांची के अलग-अलग इलाकों, बाजारों और हाटों से बाइक चोरी करता था।
फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बेचते थे बाइक
गिरोह के सदस्य चोरी की बाइकों का असली नंबर हटाकर फर्जी नंबर प्लेट लगा देते थे और फिर उन्हें दूसरे लोगों को बेच देते थे। पुलिस ने अभय की निशानदेही पर गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया।
12 चोरी की बाइक बरामद, सभी आरोपी जेल भेजे गए
पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 12 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। सभी 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क और अन्य संभावित सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
