अगर घर में किसी को मधुमेह है, तो आपने अक्सर यह सलाह जरूर सुनी होगी कि फल खाना बंद कर देना चाहिए, क्योंकि इनमें प्राकृतिक मिठास होती है. इसी डर की वजह से कई लोग आम, सेब, अमरूद, पपीता और दूसरे फलों को अपनी डाइट से पूरी तरह बाहर कर देते हैं. लेकिन डायटीशियन श्वेता पांचाल का कहना है कि यह सबसे बड़ा भ्रम है. उनके अनुसार, समस्या फल नहीं बल्कि उनके बारे में फैली गलत जानकारी है. सही मात्रा और सही समय पर खाए गए फल मधुमेह रोगियों के लिए भी संतुलित आहार का हिस्सा बन सकते हैं.
हर मीठी चीज का असर एक जैसा नहीं होता
डायटीशियन के मुताबिक, मधुमेह का पता चलते ही सबसे पहले लोग फलों से दूरी बना लेते हैं, जबकि ऐसा करना जरूरी नहीं है. फलों में केवल प्राकृतिक शुगर ही नहीं होती, बल्कि फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यही कारण है कि पूरे फल की तुलना मिठाई, केक या मीठे पेय पदार्थों से नहीं की जा सकती. फलों में मौजूद फाइबर शुगर के अवशोषण की गति को धीमा करने में मदद करता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक तेजी से नहीं बढ़ती.
डायबिटीज में खाए जा सकते हैं ये 5 फल
डायटीशियन कहते हैं की कुछ फल ऐसे हैं जिन्हें सीमित मात्रा में आराम से खाया जा सकता है।
जामुन: मधुमेह रोगियों के लिए जामुन लंबे समय से पसंदीदा फल माना जाता है. गर्मियों में मिलने वाला यह फल संतुलित आहार का अच्छा हिस्सा बन सकता है।
अमरूद: फाइबर से भरपूर अमरूद पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है. इसे हल्के नमक के साथ स्नैक के रूप में खाया जा सकता है।
पपीता: हल्का और आसानी से पचने वाला पपीता नाश्ते या दोपहर के समय खाया जा सकता है. यह पेट पर अधिक भार भी नहीं डालता।
सेब: सीमित मात्रा में सेब का सेवन भी मधुमेह रोगियों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है. इसमें मौजूद फाइबर पाचन और संतुलित आहार में मदद करता है।
अनार: स्वाद और पोषण से भरपूर अनार को सुबह या शाम के हल्के नाश्ते में शामिल किया जा सकता है.
फल खाते समय इन 3 बातों का रखें ध्यान
फल खाते समय कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. सबसे पहले, फलों का जूस पीने के बजाय पूरा फल खाएं, क्योंकि पूरे फल में फाइबर अधिक होता है. दूसरा, एक बार में बहुत अधिक मात्रा में फल न खाएं. तीसरा, फल को मिठाई की तरह भारी भोजन के तुरंत बाद खाने के बजाय हल्के नाश्ते के रूप में या भोजन के बीच में सीमित मात्रा में लें.
डर नहीं, सही जानकारी के आधार पर लें फैसला
मधुमेह होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपको अपनी पसंदीदा सभी चीजों से हमेशा के लिए दूरी बना लेनी चाहिए. सही जानकारी, संतुलित मात्रा और स्वस्थ खानपान की आदतें अपनाकर फल भी आपकी रोजमर्रा की डाइट का हिस्सा बन सकते हैं. हालांकि, हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है. इसलिए यदि आपका ब्लड शुगर लगातार बढ़ा रहता है या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य डायटीशियन की सलाह जरूर लें.
