Gumla News : जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुमला जिला प्रशासन ने भरनो प्रखंड में विशेष जांच एवं जागरूकता अभियान चलाया। खाद्य सुरक्षा विभाग और तंबाकू निषेध टीम के संयुक्त अभियान के दौरान दुकानों, होटलों, मिठाई प्रतिष्ठानों और तंबाकू उत्पाद बेचने वाले कारोबारियों की सघन जांच की गई। अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और तंबाकू नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई भी की गई।
उपायुक्त गुमला और अभिहित अधिकारी-सह-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी तथा तंबाकू निषेध पदाधिकारी वंदना स्मिता होरो ने किया। अधिकारियों ने भरनो क्षेत्र के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण, लाइसेंस, पंजीकरण, एक्सपायरी तिथि और लेबलिंग मानकों की जांच की।
जांच के दौरान कुछ खाद्य पदार्थों में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक औद्योगिक रंगों के उपयोग की जानकारी सामने आई। अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्ध सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया। साथ ही संबंधित दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा नहीं करने की सख्त चेतावनी दी गई।
अभियान के दूसरे चरण में तंबाकू निषेध टीम ने सार्वजनिक स्थलों और दुकानों की जांच की। विशेष रूप से विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास निगरानी बढ़ाई गई। दुकानदारों को बताया गया कि कोटपा अधिनियम, 2003 तथा संशोधित नियमों के अनुसार किसी भी स्कूल या शैक्षणिक संस्थान के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है। अधिकारियों ने दुकानों में चेतावनी बोर्ड लगाने और कानून का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध नियमों और तंबाकू उत्पादों के प्रदर्शन से जुड़े प्रावधानों की भी जांच की गई। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तीन प्रतिष्ठानों पर कुल 900 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
अधिकारियों ने कहा कि बच्चों और युवाओं को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए स्कूलों के आसपास विशेष निगरानी आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य मिलावट रोकने, सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने और तंबाकू नियंत्रण कानूनों को प्रभावी बनाने के लिए जिले में नियमित रूप से ऐसे संयुक्त अभियान चलाए जाएंगे।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि खाद्य मिलावट, एक्सपायरी उत्पादों की बिक्री या तंबाकू नियमों के उल्लंघन की जानकारी संबंधित विभाग को दें, ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
