Birsa Munda Death Anniversary: धरती आबा बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के अवसर पर राजधानी रांची के कोकर स्थित उनके समाधि स्थल पर कांग्रेस नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान जल, जंगल और जमीन की रक्षा के साथ झारखंड की संस्कृति एवं परंपरा को संरक्षित रखने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में समाधि स्थल की भूमि दानकर्ता परिवार के सदस्य एवं कांग्रेस नेता आदित्य विक्रम जायसवाल के अलावा प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव और राजीव रंजन प्रसाद सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष, बलिदान और आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए किए गए योगदान को याद किया।
इस अवसर पर आदित्य विक्रम जायसवाल ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब झारखंड की परंपरा, संस्कृति और विरासत को बचाने के लिए समाज एकजुट होकर कार्य करेगा। उन्होंने समाधि स्थल के विस्तार, रखरखाव और सौंदर्यीकरण में हरसंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
नेताओं ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अन्याय, शोषण और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष कर समाज को नई दिशा दी थी। उनके आदर्श आज भी लोगों को अपने अधिकारों और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए प्रेरित करते हैं। वक्ताओं ने भ्रष्टाचार और सामाजिक अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का भी संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान समाधि स्थल के सौंदर्यीकरण, साफ-सफाई और आसपास के क्षेत्र के विकास को लेकर भी चर्चा की गई। उपस्थित लोगों ने भगवान बिरसा मुंडा के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए उनके दिखाए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मंजूर अंसारी, अनिल सिंह, कृष्णा सहाय, गौरव विशाल, आसिफ ज़ियाउल, मेहुल दूबे समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सभी ने धरती आबा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
