पलामू: पलामू रेंज में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पलामू, गढ़वा और लातेहार जिलों में मुठभेड़ में मारे गए, गिरफ्तार हो चुके और सरेंडर कर चुके नक्सलियों के नाम अब भी पुलिस की फरारी सूची में दर्ज हैं। इतना ही नहीं, कुछ ऐसे आरोपियों के नाम भी सूची में पाए गए हैं जो फिलहाल जेल में बंद हैं।
मामला सामने आने के बाद पलामू रेंज के डीआईजी किशोर कौशल ने तीनों जिलों में फरारी सूची की समीक्षा शुरू करा दी है। लापरवाही सामने आने पर संबंधित पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों पर कार्रवाई की तैयारी है।
बरवाडीह थाना के निरीक्षण में सामने आई गड़बड़ी
डीआईजी किशोर कौशल ने हाल में बरवाडीह थाना का निरीक्षण किया था। इसी दौरान नक्सल मामलों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि मुठभेड़ में मारे जा चुके कुछ नक्सलियों के नाम अभी भी फरारी सूची में दर्ज हैं।
इसके बाद डीआईजी ने पलामू, गढ़वा और लातेहार के एसपी को फरारी सूची की दोबारा जांच और उसे अपडेट करने का निर्देश दिया।
थाना प्रभारियों के कामकाज की होगी समीक्षा
अब तीनों जिलों के सभी थाना प्रभारियों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी। खास तौर पर यह देखा जाएगा कि उनके कार्यकाल में कितने फरार नक्सली और अपराधी गिरफ्तार हुए, कितने मुठभेड़ में मारे गए या सरेंडर कर चुके हैं और इन मामलों में पुलिस रिकॉर्ड को कितना अपडेट किया गया।
इसके अलावा लंबे समय से फरार आरोपियों और नक्सलियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी समीक्षा होगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित थाना प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
डीआईजी किशोर कौशल ने बताया कि जांच में ऐसे कई नाम सामने आए हैं जो गिरफ्तार हो चुके हैं, सरेंडर कर चुके हैं या मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं, लेकिन अब भी फरारी सूची में दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि फरार अपराधियों और नक्सलियों को लेकर थाना प्रभारियों के कामकाज की समीक्षा की जाएगी।
8-10 साल पुराने मामलों के आरोपियों की भी तलाश
पुलिस अब ऐसे नक्सलियों और अपराधियों की तलाश भी करेगी जो पिछले कई वर्षों से फरार हैं। 8 से 10 साल पुराने मामलों में फरार आरोपियों की अलग सूची तैयार की जा रही है।
पुलिस को ऐसे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। जो आरोपी अपना घर छोड़कर दूसरे स्थानों पर चले गए हैं, उनकी भी जानकारी जुटाकर तलाश की जाएगी।
53 इनामी नक्सलियों से घटकर संख्या सात
पलामू रेंज में पिछले एक दशक के दौरान नक्सल गतिविधियों पर पुलिस अभियान का असर भी दिखाई दिया है। वर्ष 2015-16 में रेंज में 53 से अधिक इनामी नक्सली कमांडर सक्रिय थे। वर्ष 2019 तक यह संख्या घटकर 18 रह गई और अब 2026 में सिर्फ सात इनामी नक्सली बचे हैं।
2015 के बाद पलामू, गढ़वा और लातेहार में सुरक्षा बलों ने लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाया। इस दौरान बड़ी संख्या में नक्सली गिरफ्तार हुए और कई ने पुलिस के सामने सरेंडर किया। वहीं, मुठभेड़ों में 31 से अधिक नक्सलियों के मारे जाने की जानकारी भी सामने आई है।
