हूल दिवस पर भाजपा का श्रद्धांजलि कार्यक्रम, सिदो-कान्हू के संघर्ष को बताया आज भी प्रासंगिक

हूल दिवस पर रांची में भाजपा नेताओं ने सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके संघर्ष को आज भी समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

Dayanand Roy
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Hul Diwas : हूल दिवस के मौके पर भारतीय जनता पार्टी रांची महानगर की ओर से हात्मा स्थित सिदो-कान्हू पार्क में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अमर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया।

कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रांची विधायक सीपी सिंह, हटिया विधायक नवीन जायसवाल और रांची महानगर अध्यक्ष वरुण साहू समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए आदित्य साहू ने कहा कि 1855 की हूल क्रांति भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के शुरुआती और महत्वपूर्ण अध्यायों में से एक है। उन्होंने कहा कि सिदो-कान्हू और उनके साथियों ने जल, जंगल, जमीन और स्वाभिमान की रक्षा के लिए जो संघर्ष किया, वह आज भी लोगों को अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देता है।

वहीं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हूल आंदोलन सिर्फ संथाल समाज का आंदोलन नहीं था, बल्कि पूरे देश में स्वतंत्रता और स्वाभिमान की चेतना जगाने वाला संघर्ष था। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को इन वीरों के इतिहास और बलिदान से परिचित कराना जरूरी है।

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो का जीवन आदिवासी गौरव, सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उनके संघर्ष ने यह संदेश दिया कि संगठित समाज किसी भी अन्याय के खिलाफ सबसे बड़ी ताकत बन सकता है।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने अमर शहीदों के आदर्शों पर चलने और उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। भाजपा नेताओं ने कहा कि हूल क्रांति के नायकों का योगदान झारखंड ही नहीं, पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।

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