पहाड़ी मंदिर में अव्यवस्था और भेदभाव का आरोप, स्थानीयों ने CM-DC से कार्रवाई की मांग उठाई

रांची के पहाड़ी मंदिर में अव्यवस्था, भेदभाव और पारदर्शिता की कमी के आरोप पर स्थानीय लोगों ने बैठक कर मुख्यमंत्री और प्रशासन से कार्रवाई की मांग उठाई।

Dayanand Roy
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Temple Management : राजधानी रांची के प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर की व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। पहाड़ी मंदिर यात्री शेड परिसर में आयोजित बैठक में मंदिर प्रबंधन पर अव्यवस्था, पारदर्शिता की कमी और स्थानीय नागरिकों की उपेक्षा के आरोप लगाए गए। बैठक की अध्यक्षता अजय तिर्की और उत्तम यादव ने संयुक्त रूप से की।

बैठक में कहा गया कि वर्ष 1992 में पहाड़ी मंदिर विकास समिति का गठन स्थानीय नागरिकों के सहयोग से किया गया था, ताकि मंदिर की व्यवस्था पारदर्शी और जनभागीदारी आधारित रहे। लेकिन समय के साथ स्थानीय लोगों को समिति से अलग कर कुछ लोगों द्वारा मनमाने तरीके से काम किए जाने का आरोप लगाया गया।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मंदिर परिसर में आम श्रद्धालुओं के लिए फोटो और वीडियो पर रोक है, जबकि कुछ विशेष लोगों और अधिकारियों को पूजा की तस्वीरें, वीडियो और प्रसाद उपलब्ध कराया जाता है। इसे आस्था और समानता की भावना के खिलाफ बताया गया।

इसके अलावा, पहाड़ी मंदिर की मूल संरचना और सौंदर्य के साथ छेड़छाड़ का भी आरोप लगाया गया। बैठक में मंदिर की आय-व्यय का सार्वजनिक लेखा-जोखा जारी करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठी।

बैठक में निर्णय लिया गया कि इस संबंध में राज्य सरकार और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही मंदिर प्रबंधन व्यवस्था में बदलाव और सभी श्रद्धालुओं के लिए समान पूजा व्यवस्था लागू करने की मांग भी की गई।

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