चतरा में 60 लाख के जेवर चोरी का खुलासा, उड़ीसा के गुलगुलिया गैंग का सदस्य गिरफ्तार

चतरा के इटखोरी में 60 लाख रुपये के जेवर चोरी मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने उड़ीसा के गुलगुलिया गैंग के सदस्य को गिरफ्तार किया, गिरोह के नेटवर्क का भी पर्दाफाश किया।

Dayanand Roy
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Chatra News : चतरा जिले के इटखोरी बाजार में ज्वेलरी कारोबारी की बाइक की डिक्की से करीब 60 लाख रुपये के आभूषण चोरी होने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में ओडिशा के जाजपुर जिले के जाखापुर थाना क्षेत्र के दशमनिया गांव निवासी दीपक प्रधान को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी एक संगठित गिरोह का सदस्य है, जो कई राज्यों में इस तरह की वारदातों को अंजाम देता रहा है।

इस मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि आरोपी ने वारदात से पहले कई दिनों तक ज्वेलरी दुकान और कारोबारी की गतिविधियों की रेकी की थी।

ग्राहक बनकर जुटाई पूरी जानकारी

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ग्राहक बनकर दुकान पहुंचा था। उसने सस्ते दाम पर चोरी का सोना बेचने का झांसा देकर कारोबारी से बातचीत की और इसी दौरान उसकी दिनचर्या, आने-जाने का समय और जेवर ले जाने के तरीके की जानकारी जुटा ली। इसके बाद मौका मिलते ही बाइक की डिक्की से लाखों रुपये के जेवर लेकर फरार हो गया।

अन्य मामलों में भी जांच

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। शुरुआती जांच में उसके तार चतरा जिले के पत्थलगड़ा और जोरी थाना क्षेत्र में हुई इसी तरह की घटनाओं से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। इन मामलों में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।

गिरोह का सरगना ओडिशा में, मिलती थी मोटी रकम

जांच में पता चला है कि इस गिरोह का संचालन ओडिशा निवासी आकाश प्रधान करता है। गिरोह के सदस्यों को वारदात को अंजाम देने के बदले हर महीने एक लाख रुपये तक भुगतान किया जाता था। आसपास के गांवों के युवकों को इस नेटवर्क से जोड़कर अलग-अलग राज्यों में भेजा जाता था।

हैदराबाद में दी जाती थी खास ट्रेनिंग

पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्यों को हैदराबाद में विशेष प्रशिक्षण दिया जाता था। उन्हें बिना नुकसान पहुंचाए बाइक और कार की डिक्की खोलने, भीड़ में पहचान छिपाने, रेकी करने और वारदात के बाद तेजी से फरार होने के तरीके सिखाए जाते थे।

फिलहाल पुलिस गिरोह के सरगना और अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क ने झारखंड समेत देश के अन्य राज्यों में अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।

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