पलामू में अपराध पर लगाम की तैयारी, महिलाओं-बुजुर्गों की शिकायतों के लिए खुलेगा विशेष रजिस्टर

पलामू में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ाई, महिलाओं और बुजुर्गों की शिकायतों के लिए विशेष रजिस्टर, बीट पुलिसिंग, CCTV निगरानी और अपराधियों के सत्यापन पर जोर दिया।

Dayanand Roy
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पलामू: पलामू में अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग व्यवस्था को और मजबूत करने को लेकर शनिवार को मासिक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के ब्लॉक-बी स्थित सभागार में हुई बैठक की अध्यक्षता एसपी कपिल चौधरी ने की।

बैठक में जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस निरीक्षक, थाना प्रभारी, ओपी प्रभारी और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी शामिल हुए। इस दौरान जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग से जुड़े कई अहम मुद्दों की समीक्षा की गई।

महिलाओं और बुजुर्गों की शिकायतों पर विशेष नजर

एसपी कपिल चौधरी ने महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर विशेष पहल शुरू करने का निर्देश दिया। इसके तहत जिले के सभी थानों और ओपी में महिलाओं और बुजुर्गों की शिकायतों के लिए अलग रजिस्टर खोला जाएगा।

इस रजिस्टर में दर्ज शिकायतों की नियमित निगरानी होगी और थाना प्रभारी उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाएंगे। पुलिस अधिकारी गश्ती दल के साथ समय-समय पर पीड़ित महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के घर भी जाएंगे और उनकी सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं की जानकारी लेकर समाधान सुनिश्चित करेंगे।

नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज

बैठक में अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री और उनके परिवहन से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने और संदिग्ध अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने को कहा गया।

ऑपरेशन प्रहार के तहत मादक पदार्थों और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ बेहतर कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों को बैठक में सम्मानित भी किया गया।

इनमें हुसैनाबाद थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक चंदन कुमार, सतबरवा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार, नौडिहा बाजार थाना प्रभारी नीरज कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार सिंह, सहायक अवर निरीक्षक राजेश बैठा तथा सैट-97 के आरक्षी मनोज कुमार सिंह और अमीत कुमार यादव शामिल रहे। सभी को प्रशस्ति पत्र और चेक देकर सम्मानित किया गया।

बीट पुलिसिंग को और मजबूत करने का निर्देश

एसपी ने सभी थानों में बीट पुलिसिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। इसके तहत पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के बीच स्पष्ट कार्य-विभाजन करने का निर्देश दिया गया, ताकि इलाके में होने वाली गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक तेजी से पहुंच सके।

गश्ती व्यवस्था को भी बेहतर बनाने के लिए निर्धारित स्थानों पर QR कोड स्कैनिंग अनिवार्य करने को कहा गया।

जेल से छूटे अपराधियों का होगा सत्यापन

पुलिस को पिछले 10 वर्षों में जेल से बाहर आए गंभीर अपराधों के आरोपियों का सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है। इसमें लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट, चोरी और गृहभेदन जैसे मामलों में जेल जा चुके अपराधी शामिल हैं।

ऐसे लोगों की वर्तमान गतिविधियों पर भी लगातार नजर रखने को कहा गया, ताकि दोबारा आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की स्थिति में समय रहते कार्रवाई की जा सके।

डायल-112 के रिस्पॉन्स टाइम की होगी समीक्षा

आपातकालीन पुलिस सेवा डायल-112 के रिस्पॉन्स टाइम की भी समीक्षा की गई। एसपी ने आम लोगों से मिलने वाली सूचनाओं पर जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा थानों में रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक जनता दरबार आयोजित करने की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।

CCTV व्यवस्था को मजबूत करने का निर्देश

सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए थानों के प्रवेश और निकास बिंदुओं के अलावा पेट्रोल पंप, अस्पताल, स्कूल, होटल और प्रमुख चौक-चौराहों पर CCTV कैमरे लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।

एसपी कपिल चौधरी ने सभी अधिकारियों को निर्देशों का गंभीरता से पालन करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन निर्देशों की प्रगति की समीक्षा अगली मासिक अपराध गोष्ठी में की जाएगी।

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