रिम्स में मूलभूत सुविधाओं पर उठे सवाल, महिलाओं के लिए अलग शौचालय और स्वच्छ पेयजल की कमी से बढ़ी परेशानी

रिम्स की पुरानी बिल्डिंग में महिलाओं के लिए अलग शौचालय और स्वच्छ पेयजल व्यवस्था की कमी को लेकर मरीजों और परिजनों ने चिंता जताई, प्रशासन ने सुधार का आश्वासन दिया।

Dayanand Roy
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RIMS Ranchi: राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में मरीजों और उनके परिजनों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में महिलाओं के लिए अलग शौचालय नहीं होने और पेयजल व्यवस्था की बदहाल स्थिति को लेकर मरीजों तथा उनके परिजनों ने चिंता जताई है। इन समस्याओं के कारण अस्पताल आने वाले लोगों को रोजाना कई तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार रिम्स की पुरानी बिल्डिंग स्थित इमरजेंसी वार्ड के समीप महिलाओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था नहीं है। यहां महिला और पुरुष दोनों के लिए एक ही कॉमन टॉयलेट का उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में महिला मरीजों और उनके साथ आने वाली परिजनों को दिन और रात दोनों समय असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं, जिसके कारण शौचालयों पर अतिरिक्त दबाव भी बना रहता है।

महिलाओं और उनके परिजनों का कहना है कि स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन अलग शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से उनकी निजता प्रभावित हो रही है। कई लोगों ने इस व्यवस्था को तत्काल सुधारने की मांग की है।

वहीं अस्पताल परिसर में स्थापित पेयजल मशीनों की स्थिति भी सवालों के घेरे में है। कई स्थानों पर लगे वाटर डिस्पेंसर और पेयजल मशीनों के आसपास गंदगी देखी जा रही है। कुछ लोगों ने पानी की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। दूर-दराज से इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि उन्हें कई बार पीने के लिए बोतलबंद पानी खरीदना पड़ता है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ जाता है।

रिम्स में प्रतिदिन हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में स्वच्छ पेयजल और सुरक्षित शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का सुचारु रूप से उपलब्ध होना बेहद जरूरी माना जाता है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ बुनियादी व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

इस मामले पर रिम्स के प्रवक्ता एवं फिजियोलॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. शिशिर कुमार महतो ने कहा कि पेयजल व्यवस्था और महिलाओं के लिए अलग शौचालय से जुड़ी शिकायतों की जानकारी प्रशासन को मिल चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोनों समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और जल्द ही बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

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