Jharkhand High Court : झारखंड हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री और तमाड़ के तत्कालीन विधायक रमेश सिंह मुंडा की हत्या के चर्चित मामले में आरोपी राम मोहन सिंह मुंडा को जमानत प्रदान कर दी है। अदालत ने आरोपी के सरकारी गवाह बनने और उसकी गवाही पूरी हो जाने को ध्यान में रखते हुए यह राहत दी।
मामले की सुनवाई जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि राम मोहन सिंह मुंडा इस मामले में सरकारी गवाह (अप्रूवर) बन चुके हैं और उनकी गवाही भी पूरी हो चुकी है। साथ ही यह भी बताया गया कि मामले का ट्रायल अभी जारी है।
दूसरी ओर, मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) का पक्ष सुनने के बाद अदालत ने उपलब्ध तथ्यों पर विचार किया और आरोपी को जमानत देने का आदेश पारित किया। हालांकि, मामले की सुनवाई निचली अदालत में पूर्ववत जारी रहेगी।
गौरतलब है कि 9 जुलाई 2008 को तमाड़ के तत्कालीन विधायक और पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा की नक्सलियों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था और इसे झारखंड की प्रमुख राजनीतिक हत्याओं में गिना जाता है।
घटना के बाद बुंडू थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्रारंभिक जांच के उपरांत मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच एनआईए को सौंप दी गई थी। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी ने आरोप पत्र दाखिल किया और तभी से मामले का ट्रायल चल रहा है।
करीब 18 वर्ष पुराने इस बहुचर्चित मामले में हाईकोर्ट का यह आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि मामले में अंतिम निर्णय ट्रायल पूरा होने के बाद संबंधित अदालत द्वारा सुनाया जाएगा।
