
आदिवासी हॉस्टल परिसर में आयोजित करम पूजा महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन


पत्नी और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन के साथ कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की भी थीं साथ
रांची : करम पर्व हमारी विशिष्ट संस्कृति, सभ्यता और जीवन शैली का प्रतीक है। जिस तरह से हमारे पूर्वजों ने हमें ये दायित्व सौंपा है कि हम अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाएं और अपनी संभ्यता और संस्कृति को मजबूत करें। ऐसे में ये हमारा कर्तव्य है कि हम बड़े पैमाने पर अपनी सभ्यता और संस्कृति को मजबूत करें। बुधवार को ये बातें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहीं।
वे रांची वीमेंस कॉलेज के साइंस ब्लॉक स्थित आदिवासी छात्रावास परिसर में आयोजित करम महोत्सव कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम में उनके साथ उनकी पत्नी कल्पना सोरेन और कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की भी शामिल हुईं।
उन्होंने कहा कि समाज का हर वर्ग अपनी परंपरा और संस्कृति के साथ आगे बढ़ता है। करम पर्व पीढियों पहले हमारे पूर्वजों ने हमें सुपुर्द किया है और हम इसे लेकर आगे बढ़ रहे हैं। हर साल की तरह इस साल भी हम यहां एकत्रित हुए हैं और बारिश के बाद भी हमारी बहनों ने यह पर्व मनाया है।
कार्यक्रम में सबको करम पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कल्पना सोरेन ने कहा कि इस वर्ष बारिश अच्छी और ज्यादा हुई है। यही वजह है कि चारों ओर हरियाली लहलहा रही है। उन्होंने कहा कि हमें प्रकृति को देना चाहिए न कि ये सोचना चाहिए कि क्या लेना है।
आप सब खुशी से झूमकर मांदर की थाप पर नाचिए-गाइए और करम पर्व का मजा लीजिए। कल्पना ने कहा कि हरा रंग समृद्धि का परिचायक है। कार्यक्रम में कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के अलावा केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भी अपनी बातें रखीं।



