बोकारो स्टील प्लांट में ड्यूटी के दौरान ठेका मजदूर की मौत, परिजनों ने मुआवजा और नौकरी को लेकर खोला मोर्चा

बोकारो स्टील प्लांट के बीपीएससीएल कोल हैंडलिंग प्लांट में ड्यूटी के दौरान ठेका मजदूर की मौत के बाद परिजनों और मजदूरों ने मुआवजा व नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

Dayanand Roy
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Bokaro Steel Plant: बोकारो स्टील प्लांट परिसर में संचालित बोकारो पावर सप्लाई कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (BPSCL) के कोल हैंडलिंग प्लांट में कार्यरत एक ठेका कर्मी की ड्यूटी के दौरान मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक के परिजन, सहकर्मी और मजदूर संगठन के लोग बोकारो जनरल हॉस्पिटल (BGH) पहुंच गए तथा उचित मुआवजा और आश्रित को नौकरी देने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

मिली जानकारी के अनुसार दुग्धा निवासी शिव शंकर हेंब्रम बीपीएससीएल के कोल हैंडलिंग प्लांट में ठेका मजदूर के रूप में कार्यरत थे। बुधवार देर रात काम के दौरान अचानक एक हादसा हुआ, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। सहकर्मियों द्वारा उन्हें तत्काल इलाज के लिए बोकारो जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना के कारणों को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। मृतक के साथ काम करने वाले मजदूरों का आरोप है कि पाइपलाइन से संबंधित कार्य के दौरान शॉर्ट सर्किट होने से हादसा हुआ। हालांकि अभी तक प्रबंधन या जांच एजेंसियों की ओर से दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसी वजह से मामले की जांच का इंतजार किया जा रहा है।

हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और मजदूर अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता, उचित मुआवजा और एक आश्रित को स्थायी नौकरी देने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत ठेका मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

मामले की जानकारी मिलने पर फैक्ट्री इंस्पेक्टर शिवानंद लगुरी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं सिटी डीएसपी राजीव रंजन ने कहा कि यह प्रथम दृष्टया औद्योगिक दुर्घटना का मामला प्रतीत होता है, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

फिलहाल मृतक के परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। मजदूर संगठनों ने भी प्रबंधन से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है। जांच रिपोर्ट आने के बाद हादसे के कारणों और जिम्मेदारियों को लेकर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

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