
खरसावां के वीर शहीदों के वंशजों को सम्मानित करने के लिए विशेष आयोग का गठन करेगी सरकार

रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को खरसावां स्थित शहीद पार्क में शहीद स्मारक शहीद वेदी तथा वीर शहीद केरसे मुंडा चौक स्थित शहीद स्मृति-चिह्न पर श्रद्धांजलि अर्पित कर अमर वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि झारखंड की मिट्टी शहादत की गाथाओं से भरी है। इस मिट्टी के हर कण में आदिवासियों और मूलनिवासियों के संघर्ष की गाथा समाई हुई है। जितना समृद्ध इतिहास हमारे राज्य का है, उतना शायद किसी अन्य प्रदेश का नहीं है।
अनगिनत लोगों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपनी जानें न्योछावर कीं। हम लड़े हैं, तभी बचे हैं। सरकार वीर शहीदों के सपनों को पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही खरसावां के वीर शहीदों के वंशजों को सम्मानित करने के लिए विशेष आयोग का गठन किया जाएगा जिसमें रिटायर्ड जज, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाएगा।

यह आयोग सभी दस्तावेजों, अभिलेखों और स्थानीय परंपराओं के आधार पर शहीद परिवारों की पहचान करेगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य उन परिवारों को उचित सम्मान, मान्यता और आर्थिक सहायता सुनिश्चित करना है, जिन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर किए।
यह पहल केवल श्रद्धांजलि मात्र नहीं, बल्कि एक इतिहास-संरक्षण अभियान भी है। इस अभियान से युवा पीढ़ी को हमारे पूर्वजों के संघर्ष और बलिदान की गाथा की विस्तृत जानकारी भी मिलेगी।

हमने पहले भी स्वतंत्रता सेनानियों, आंदोलनकारियों एवं शहीदों के परिजनों के कल्याण के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। अब खरसावां के अमर वीरों के प्रति यह संवेदनशील कदम झारखंड की पहचान को और सशक्त करेगा। हमारा संघर्ष जीवित रहेगा, जब तक हर शहीद के परिवार को उसका सम्मान नहीं मिल जाता, यही हमारे राज्य की असली दिशा और पहचान है।



