BSL गेट पर प्रशासन का बड़ा एक्शन! 200 मीटर तक निषेधाज्ञा लागू, 5 से ज्यादा लोगों के जुटने पर रोक; अब कहां होगा प्रदर्शन?

बोकारो स्टील प्लांट के गेट पर प्रदर्शन और जाम के बीच प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

Dayanand Roy
3 Min Read

Bokaro News: बोकारो में बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के मुख्य द्वारों पर जारी धरना-प्रदर्शन के बीच प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। विस्थापित अप्रेंटिस संघ और अन्य संगठनों के प्रदर्शन के बाद चास अनुमंडल प्रशासन ने संयंत्र के मुख्य द्वार के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह आदेश 18 अक्टूबर 2026 से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।

प्रशासन का कहना है कि संयंत्र के सभी द्वार बंद होने से कर्मचारियों, अधिकारियों, संविदा श्रमिकों और आवश्यक सेवाओं के आवागमन में परेशानी हो रही थी। इससे औद्योगिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही थीं। इसी स्थिति को देखते हुए आवागमन सामान्य करने और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।

5 या उससे अधिक लोगों के जुटने पर रोक

चास अनुमंडल दंडाधिकारी प्रांजल ढांडा की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 (1) के तहत जारी आदेश के अनुसार, BSL के मुख्य द्वार के 200 मीटर के दायरे में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, घूमने या भीड़ लगाने पर प्रतिबंध रहेगा।

इसके अलावा, प्रतिबंधित क्षेत्र में आग्नेयास्त्र, लाठी-डंडे, तलवार, भाला, तीर-धनुष और अन्य निर्दिष्ट हथियारों के साथ खुदाई के उपकरण ले जाने या उनका प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं होगी।

रैली, धरना और प्रदर्शन पर भी प्रतिबंध

आदेश के तहत प्रतिबंधित क्षेत्र में जुलूस, रैली, सभा और धरना-प्रदर्शन आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। ऐसी गतिविधियों पर भी रोक रहेगी, जिनसे संयंत्र के कामकाज या आम लोगों के आवागमन में बाधा उत्पन्न होने की आशंका हो।

प्रशासन ने प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन कराने तथा संयंत्र के द्वारों पर आवागमन सामान्य बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

प्रदर्शनकारियों को कहां मिली छूट?

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि टू टैंक गार्डन के समीप शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से विरोध-प्रदर्शन करने पर उसे आपत्ति नहीं है। यानी संगठन अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से वहां रख सकते हैं, लेकिन संयंत्र के द्वारों को अवरुद्ध करने से बचना होगा।

चास एसडीओ ने संबंधित संगठनों से संयम बरतने और औद्योगिक गतिविधियों तथा आवश्यक सेवाओं के आवागमन में बाधा नहीं डालने की अपील की है।

विस्थापितों के आंदोलन पर आगे क्या होगा?

BSL के मुख्य द्वारों पर प्रदर्शन के बीच प्रशासन के इस फैसले से आंदोलन के तरीके और स्थान को लेकर नई स्थिति बन गई है। अब देखना होगा कि विस्थापित अप्रेंटिस संघ और अन्य संगठन अपनी मांगों को लेकर आगे क्या रणनीति अपनाते हैं और प्रशासन के साथ बातचीत से कोई समाधान निकलता है या नहीं।

फिलहाल, प्रशासन की प्राथमिकता संयंत्र का संचालन सामान्य रखना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, जबकि प्रदर्शनकारी संगठनों की मांगों और आगे की रणनीति पर सबकी नजर रहेगी।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *