जामताड़ा में साइबर ठगी करने वाले तीन शातिर गिरफ्तार, फर्जी RTO चालान लिंक और SIM ब्लॉक कॉल से बनाते थे शिकार

जामताड़ा पुलिस ने फर्जी RTO ई-चालान लिंक और SIM ब्लॉक कॉल के जरिए साइबर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से मोबाइल और सिम कार्ड बरामद हुए।

Dayanand Roy
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साइबर अपराध के लिए बदनाम जामताड़ा में पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी फर्जी RTO ई-चालान लिंक और सिम कार्ड ब्लॉक होने का झांसा देकर लोगों के बैंक खातों से पैसे उड़ा रहे थे।

पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह के निर्देश पर साइबर थाना पुलिस ने कर्माटांड़ थाना क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया। गुप्त सूचना के आधार पर अलग-अलग गांवों में छापेमारी कर राजकुमार मंडल (19), सोनू कुमार मंडल (30) और बंटी कुमार सेन (28) को गिरफ्तार किया गया।

कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन और 6 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस इन डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है ताकि ठगी के नेटवर्क और अन्य साथियों का पता लगाया जा सके।

ऐसे लोगों को बनाते थे शिकार

साइबर डीएसपी अमित कुमार ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से साइबर ठगी को अंजाम देते थे।

आरोपी राजकुमार मंडल लोगों के व्हाट्सएप पर फर्जी RTO E-Challan का APK लिंक भेजता था। जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक से ऐप डाउनलोड और इंस्टॉल करता, उसका मोबाइल हैक हो जाता। इसके बाद बैंकिंग और अन्य गोपनीय जानकारी चुराकर ई-वॉलेट के जरिए खाते से पैसे निकाल लिए जाते थे।

वहीं सोनू मंडल और बंटी कुमार सेन लोगों को फोन कर बताते थे कि उनका Jio SIM बंद होने वाला है। इसके बाद KYC अपडेट, रिचार्ज या सिम चालू रखने के नाम पर लोगों से जानकारी हासिल कर उनके बैंक खातों से रकम उड़ा लेते थे।

लोगों के लिए पुलिस की सलाह

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आए RTO चालान, APK फाइल या अन्य लिंक पर क्लिक न करें। इसके अलावा सिम बंद होने, KYC अपडेट या बैंक खाते से जुड़ी कॉल आने पर फोन पर किसी भी तरह की गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर दें।

इस कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल, पुलिस निरीक्षक चंद्रमणि भारती, मनीष कुमार गुप्ता और रिजर्व गार्ड के जवान शामिल रहे। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों, डिजिटल रिकॉर्ड और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

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