रांची: विधायक सरयू राय से जुड़े कथित गोपनीय दस्तावेज लीक मामले में अब एक नया पहलू सामने आया है। मामले में उस कर्मचारी को भी आरोपी बनाए जाने की मांग की गई है, जिस पर दस्तावेज की तस्वीर खींचने का आरोप है। इस संबंध में दाखिल याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद एमपी/एमएलए की विशेष अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत 13 जुलाई को इस पर आदेश सुनाएगी।
याचिका में कर्मचारी शंभू सिंह को आरोपी बनाने की अनुमति मांगी गई है। इसके लिए अदालत में सीआरपीसी की धारा 319 के तहत आवेदन दायर किया गया है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि मामले की सुनवाई के दौरान चार गवाहों ने अपने बयान में बताया है कि उन्होंने शंभू सिंह को गोपनीय दस्तावेज की तस्वीर लेते हुए देखा था।
इस केस में अब तक जांच अधिकारी समेत कुल 12 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन अवर सचिव ने मई 2022 में डोरंडा थाना में सरयू राय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि गोपनीय दस्तावेज हासिल कर उसे सार्वजनिक किया गया और उसी आधार पर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की गई थी।
दरअसल, सरयू राय ने कोरोना काल के दौरान कोविड प्रोत्साहन राशि के वितरण में अनियमितता और कथित घोटाले का आरोप लगाया था। उन्होंने तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर नियमों की अनदेखी कर करीब 60 लोगों को गलत तरीके से भुगतान करने का आरोप लगाया था। अब अदालत के आगामी आदेश पर यह तय होगा कि शंभू सिंह को भी इस मामले में आरोपी बनाया जाएगा या नहीं।
