यमन: मौत की सजा का सामना कर रही भारतीय नर्स को राहत दिलाने के प्रयास आरोपों की गंभीरता के कारण बाधित

Dayanand Roy
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नयी दिल्ली: यमन के एक नागरिक की हत्या के लिए अदालत द्वारा सुनाई गई मौत की सजा का सामना कर रही भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को राहत दिलाने के प्रयास में सबसे बड़ी मुश्किल उसके खिलाफ लगे आरोपों की गंभीरता है।

सूत्रों ने यह जानकारी दी। प्रिया को यमन में 16 जुलाई को फांसी दिए जाने की आशंका के बीच उसके परिवार और विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों ने भारत सरकार से उसे बचाने के लिए राजनयिक प्रयास करने का आह्वान किया है।

निमिषा प्रिया को 2017 में अपने यमनी व्यापारिक साझेदार की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था। उसे 2020 में मौत की सजा सुनाई गई थी, और उसकी अंतिम अपील 2023 में खारिज कर दी गई थी। वह वर्तमान में यमन की राजधानी सना की जेल में कैद है।

याचिका एक संगठन- सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल द्वारा दायर की गई है, जो नर्स की सहायता के लिए कानूनी सहायता प्रदान कर रही है।

याचिका में एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया गया है जिसमें कहा गया है कि प्रिया की फांसी की अस्थायी तारीख यमनी प्रशासन की ओर से16 जुलाई को तय की गई है।

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