
मतगणना में 29 मंत्रियों के भाग्य का भी होगा फैसला


पटना : बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना शुक्रवार को सुबह आठ बजे शुरु होगी। रुझान दो घंटे बाद आने लगेंगे और दोपहर दो बजे तक तस्वीर साफ हो जायेगी कि सरकार किसकी बनेगी। चुनाव में एनडीए और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर में नीतीश कुमार को बढ़त मिलने के संकेत हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदा एनडीए सरकार में दो उपमुख्यमंत्री सहित 29 मंत्री चुनाव मैदान में हैं।
इनमें भाजपा के 16 और 13 जदयू के हैं।मतगणना में इनकी किस्मत का भी फैसला होगा। मालूम हो कि पिछले विधानसभा (2020) चुनाव में जदयू के आठ और भाजपा के दो मंत्री हार गए थे। उस चुनाव में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के 23 मंत्री चुनाव लड़ रहे थे। इस बार भाजपा और जदयू के मंत्रियों में किसकी जीत -हार होती है ,इस पर सब की नजर है।
भाजपा के चुनाव लड़ रहे मंत्रियों में दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं विजय कुमार सिन्हा के अलावा पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी, डॉ प्रेम कुमार, मंगल पांडेय, नीरज कुमार सिंह, नीतीश मिश्र, नितिन नबीन, जिवेश कुमार, संजय सरावगी,कृष्णनंदन पासवान, केदार प्रसाद गुप्ता,सुरेन्द्र मेहता,सुनील कुमार, राजू कुमार सिंह और कृष्ण कुमार मंटू हैं।
जदयू के चुनाव मे किस्मत आजमा रहे 13 मंत्रियों में विजय कुमार चौधरी,बिजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार ,लेशी सिंह, मदन सहनी,महेश्वर हजारी,शीला कुमारी,सुनील कुमार, जयंत राज, जमा खान, रत्नेश सदा,विजय मंडल और सुमित कुमार हैं।
राज्य मंत्रिपरिषद के कुल 36 सदस्यों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित सात मंत्री चुनाव मैदान से बाहर हैं। इनमें चार जनक राम,हरि सहनी,संतोष सिंह और मोतीलाल प्रसाद भाजपा से हैं। जदयू से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा अशोक चौधरी चुनाव मैदान से बाहर हैं। हम के संतोष कुमार सुमन भी चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। ये सभी विधान परिषद के सदस्य हैं। हालांकि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय भी विधान परिषद के सदस्य हैं। लेकिन इसके बावजूद भाजपा ने उन्हे चुनाव मैदान में उतारा है।


