केंद्रीय बजट : पटना में जहाज मरम्मत यूनिट होगी स्थापित, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से भी बिहार को होगा फायदा

Dayanand Roy
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पटना : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में दिये गये 85 मिनट के अपने बजट बजट भाषण में एक बार  भी बिहार का जिक्र नहीं किया। हालांकि, इस दौरान उन्होने  “पटना” का नाम दो बार लिया। जबकि पिछले साल यानी 2025-26 के बजट भाषण में बिहार का नाम 8 बार लिया गया था। तब राज्य को कई बड़ी सौगातें भी मिली थीं।

वैसे इस बार के बजट में की गई कई घोषणाओं  का फायदा बिहार को भी मिलेगा। बजट में निर्मला सीतारमण ने दिव्यांगों के लिए कुछ खास ऐलान किया है। उन्होंने दिव्यांगजन कौशल योजना के अलावा दिव्यांगजन सहारा योजना का भी ऐलान किया है। दिव्यांगजन कौशल योजना के लिए बजट में 200 करोड़ और दिव्यांगजन सहारा योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

इन दोनों योजनाओं से बिहार के भी दिव्यांगजनों को फायदा मिलने वाला है। 2011 की जनगणना के अनुसार, बिहार में 23.31 लाख दिव्यांगजन हैं। यह राज्य की कुल आबादी का 2.23 प्रतिशत है। दूसरी ओर, देश भर में मौजूद दिव्यांगजनों में से बिहार के दिव्यांगजनों का हिस्सा करीब 8.69 प्रतिशत है। वहीं, इस बजट में कैंसर समेत 7 गंभीर बीमारियों की दवाइयों को सस्ता किया गया है।

इससे बिहार के मरीजों और उनके परिवारों को सीधा फायदा होगा। बजट भाषण में वित्त मंत्री ने घोषणा की कि राजधानी पटना में जहाज मरम्मत सुविधाएं दी जाएगी। घोषणा के अनुसार वाटरवेज का इस्तेमाल करने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। पटना में ‘शिप रिपेयर इकोसिस्टेम’ विकसित करने की घोषणा राज्य में औद्योगिक और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।

यह केंद्र गंगा नदी के किनारे स्थापित होगा और अंतर्देशीय जलमार्गों को मजबूती प्रदान करेगा। इसका सीधा लाभ यह होगा कि जहाजों की मरम्मत अब स्थानीय स्तर पर हो सकेगी, जिससे लॉजिस्टिक्स की लागत में भी भारी कमी आएगी। इसके साथ ही, डंकुनी से सूरत तक प्रस्तावित नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) माल ढुलाई को तेज और पर्यावरण के अनुकूल बनाएगा।

इस कॉरिडोर से बिहार के व्यापारिक केंद्रों को सीधा लाभ मिलेगा और राज्य के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। बजट में ही वाराणसी से सिलीगुड़ी तक एक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा भी की गई है। इस रेल कॉरिडोर का मार्ग बिहार से होकर गुजरने की संभावना है, जो राज्य में कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने में मदद करेगा।

इस परियोजना से न केवल यातायात की गति बढ़ेगी, बल्कि राज्य में निवेश और उद्योगों के विस्तार के लिए भी नए अवसर खुलेंगे। शिपिंग और रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के साथ-साथ बजट में स्थानीय युवाओं के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने का प्रावधान भी किया गया है। यह प्रोग्राम उन्हें शिपिंग, लॉजिस्टिक्स और रेल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आधुनिक कौशल सिखाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और बिहार के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट बिहार के लिए केवल आर्थिक विकास का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह राज्य को तकनीकी, औद्योगिक और लॉजिस्टिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है। राज्य सरकार और उद्योग जगत दोनों के लिए यह अवसर प्रदान करेगा कि वे बिहार को पूर्वी भारत का प्रमुख आर्थिक हब बनाने में सहयोग करें।

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