Home Bihar तेजस्वी अब निकले बिहार अधिकार यात्रा पर

तेजस्वी अब निकले बिहार अधिकार यात्रा पर

by Dayanand Roy

पटना : कांग्रेस के राहुल  गांधी के साथ वोटर अधिकार यात्रा के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव ने मंगलवार को अकेले जहानाबाद से ‘बिहार अधिकार यात्रा’ की शुरुआत की।

जहानाबाद के लिए रवाना होने से पूर्व तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह यात्रा सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि बेरोजगार नौजवानों, किसानों, मजदूरों और आम जनता की यात्रा है।

उन्होंने कहा कि इस यात्रा में हम उन जिलों को कवर करेंगे जो छूट गए थे। महागठबंधन में मुख्यमंत्री  के चेहरे को लेकर जारी संशय के बीच तेजस्वी यादव ने  साफ कहा कि मुख्यमंत्री का चेहरा जनता तय करती है, महागठबंधन में इसको लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं है।

उन्होंने कहा कि हमारे गठबंधन में कोई कंफ्यूजन नहीं है। जनता बदलाव चाहती है और बिहार की मालिक जनता है। वही मुख्यमंत्री बनाती है। समय आने पर सब स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि लोग मौजूदा सरकार से नाराज़ हैं और बदलाव का मूड बना चुके हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि नए संकल्प के साथ नया बिहार बनाने के लिए, बेरोजगारी, महंगाई और गरीबी को हटाने के लिए, किसान व मजदूर के सम्मान के लिए, मां-बहनों की सुरक्षा के लिए और बिहार में कारखाने और उद्योग लगाने के संकल्प के साथ हम इस यात्रा पर निकल रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि जिस भी जिले और गांव में वे जा रहे हैं, वहां लोग कह रहे हैं कि भ्रष्टाचार और अपराध की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। हमारा लक्ष्य है कि बिहार को भ्रष्टाचार और अपराध मुक्त सरकार दी जाए। तेजस्वी यादव ने कहा कि यह यात्रा केवल राजनीतिक संदेश भर नहीं है बल्कि जनता की आकांक्षाओं और उम्मीदों की आवाज है।

उन्होंने कहा कि बिहार में आज भी विकास और रोजगार का अभाव सबसे बड़ी समस्या है और इसी मुद्दे को लेकर वे जनता के बीच जा रहे हैं।  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए तेजस्वी ने कहा कि राज्य की मौजूदा सरकार पूरी तरह विफल है और जनता इससे त्रस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ये सरकार लाठी-डंडे की सरकार है।

जनता कह रही है- ‘2025! बहुत हुए नीतीश’ लोग अब बदलाव चाहते हैं और यह बदलाव निश्चित तौर पर होगा। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक प्रतिबद्धता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि नीतीश ने हाल ही में एनडीए में बने रहने की बात कही है, लेकिन यही नीतीश पहले महागठबंधन के साथ साझा रैली कर चुके थे।

उसी पूर्णिया में उन्होंने हमारे साथ भी रैली की थी और वही बातें उस समय भी कह रहे थे जो कल कह रहे थे। अब उन्हें इंडिया गठबंधन में शामिल कौन कर रहा है? असल में तो भाजपा के लोग ही उन्हें भगाना चाहते हैं। हम उनका सम्मान करते हैं लेकिन सच्चाई यह है कि वे बिहार संभालने की स्थिति में नहीं हैं।

वैसे तेजस्वी यादव की इस यात्रा को मतदाता जागरूकता से जोड़कर देखा जा रहा है।लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह अभियान चुनावी जमीनी तैयारी का भी हिस्सा है। तेजस्वी की यह यात्रा कुल 11 जिलों और दर्जनों विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी। इस दौरान वे मतदाताओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने, नाम जुड़वाने और वोट करने के लिए प्रेरित करेंगे।

सियासी हलकों में माना जा रहा है कि यह यात्रा राजद के लिए जनता से सीधा जुड़ाव बनाने और गठबंधन में अपनी भूमिका मजबूत करने का बड़ा मंच बनेगी। खासकर उस समय जब महागठबंधन में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर कांग्रेस की चुप्पी और एनडीए की रणनीति, दोनों ही विपक्षी खेमे को चुनौती दे रही हैं। तेजस्वी यादव ने अपने संदेश में यह भी दोहराया कि जनता ही बदलाव का फैसला करेगी और समय आने पर महागठबंधन का मुख्यमंत्री का चेहरा साफ कर दिया जाएगा।

Related Articles

Leave a Comment