अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के बोलने एवं अभिव्यक्ति के अधिकार पर कोई रोक नहीं: सुप्रीम कोर्ट

Dayanand Roy
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नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विवादास्पद सोशल मीडिया पोस्ट करने के आरोपी अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद से बुधवार को कहा कि उनके बोलने और अभिव्यक्ति के अधिकार पर कोई रोक नहीं है।

लेकिन वह अपने खिलाफ मामलों के संबंध में कुछ भी ऑनलाइन पोस्ट नहीं कर सकते।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की आंशिक कार्य दिवस वाली पीठ ने 21 मई को उन पर लगाई गई अंतरिम जमानत की शर्त को फिलहाल संशोधित करने से इनकार कर दिया कि वह जांच का विषय रहे उन दोनों ऑनलाइन पोस्ट से संबंधित कोई ऑनलाइन पोस्ट, लेख नहीं लिखेंगे या इसके बारे में मौखिक रूप से कुछ नहीं बोलेंगे।

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