Home Jharkhand श्रीमद् भागवत कथा ही कलयुग के प्रभाव से दूर कर सकती हैं: मां चैतन्य मीरा

श्रीमद् भागवत कथा ही कलयुग के प्रभाव से दूर कर सकती हैं: मां चैतन्य मीरा

by Dayanand Roy

रांची : अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन रांची शाखा की ओर से अग्रसेन पथ स्थित अग्रसेन भवन में सात दिवसीय भागवत कथा के  द्वितीय दिवस की कथा में मां चैतन्य मीरा ने बताया कि किस प्रकार से राजा परीक्षित को ऋषि ने श्राप दिया और किस प्रकार से कलयुग ने स्वर्ण में अपना स्थान मानकर स्वयं राजा परीक्षित की मति ही भ्रमित कर दी।

उन्होंने बताया कि आज के समय में किस प्रकार से व्यक्तियों में आपसी भेदभाव और गृह क्लेश जैसे कारण हो रहे हैं। यह सभी कलयुग का प्रभाव प्रभाव है। इस युग में प्रभु का नाम और श्रीमद् भागवत कथा ही हमें इस प्रभाव से दूर रख सकती है । यदि हम अपने भक्ति मार्ग से जोड़ते हैं प्रभु के प्रति प्रेम रखते हैं उनमें आस्था रखते हैं तो किसी भी प्रकार से हमारा अहित नहीं हो सकता। समाज को यह जानना आवश्यक है कि यदि हम प्रभु से नहीं जुड़े तो हमारे जीवन का कल्याण संभव नहीं है । हमें सर्वथा इसी मार्ग पर आगे चलना चाहिए ।

गुरु मां बताया कि उनके द्वारा नासिक आश्रम में और ऑनलाइन के माध्यम से ध्यान और योग के कई शिविर लगाए जाते हैं और अब यह शिविर नासिक के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर भी लगाए जाएंगे। जिससे कि प्रत्येक व्यक्ति अपने मन की पीड़ा को दूर कर सके। अपने मन को स्वच्छ कर सके। अपने शरीर को स्वस्थ कर सके और आज की युवा पीढ़ी में होने वाली बीमारियां अनिंद्रा, चिड़चिड़ापन और डिप्रेशन को दूर को दूर किया जा सके और उनमें एकाग्रता का भाव लाया जा सके।

महिला मंडल के द्वारा द्वितीय दिवस सेवा कार्य के तहत गौ सेवा की गई। गुरु मां और शाखा की बहनों द्वारा सुकुरहुटु गौशाला में जाकर कल्पवृक्ष के पेड़ और कुछ फलदार वृक्ष लगाए और गायों को रोटी गुड़ और चारा के साथ सब्जियां खिलाई गई।

मौके पर गुरु मां ने गौ सेवा के महत्व बताते हुए कहा कि भगवान कृष्ण गायों के बीच गोविंद बनकर रहे गौ माता की सेवा से हमें भगवान मिल सकते हैं।उन्होंने कहा कि गोमूत्र से 140 रोग ठीक होते हैं। हमें गौ माता के ही दूध, दही और घी का उपयोग करना चाहिए।कथा के अंत में समिति के सदस्यों के द्वारा आरती की गई और प्रसाद का वितरण किया गया।

 इस कार्यक्रम को सफल बनाने में रूपा अग्रवाल, अनसूया नेवटिया, अलका सरावगी, मधु सराफ, उर्मिला पड़िया, नैना मोर, प्रीती बंका,मंजू केडिया, बीना मोदी, रीना सुरेखा, बीना बूबना, प्रीती पोद्दार, शोभा हेतमसरिया, मीरा टिंबरेवाल, करुणा अग्रवाल, सीमा टांटिया, प्रीती अग्रवाल, मीना अग्रवाल, रेनू राजगढ़िया पूनम टेकरीवाल ‌ रेखा अग्रवाल ‌छाया अग्रवाल, सीमा पोद्दार, सुनैना लॉयलका, प्रीति फोगला, रीता केडिया, शशि डागा, सरिता मोदी ,प्रीति केडिया, बबीता नर्सरिया, जय बिजावत, सुषमा पोद्दार, मंजू गाड़ोदिया आदि बहनें उपस्थित रहीं।

Related Articles

Leave a Comment