Sand Mining : झारखंड में लंबे समय से जारी बालू संकट जल्द खत्म होने की उम्मीद है। राज्य के रांची, बोकारो और पूर्वी सिंहभूम जिलों के छह बड़े बालू घाटों की लीज को अंतिम मंजूरी मिल गई है, जिससे कानूनी तरीके से बालू खनन शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
जानकारी के अनुसार, करीब आठ वर्षों से बालू घाटों की नीलामी और खनन प्रक्रिया विभिन्न कारणों से अटकी हुई थी। पर्यावरण मंजूरी में देरी, ई-नीलामी की जटिल प्रक्रिया और एनजीटी की रोक के कारण खनन शुरू नहीं हो पा रहा था। इसका असर निर्माण कार्यों पर पड़ा और बाजार में बालू की कीमत लगातार बढ़ती रही।
बताया जा रहा है कि छह बालू घाटों का कुल क्षेत्रफल 120 हेक्टेयर से अधिक है, जहां से बड़े पैमाने पर बालू निकाले जाने का अनुमान है। सरकार की योजना मानसून से पहले पर्याप्त स्टॉक तैयार करने की है, ताकि आने वाले महीनों में आपूर्ति प्रभावित न हो।
कानूनी खनन शुरू होने के बाद बालू की उपलब्धता बढ़ने और कीमतों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही अवैध बालू कारोबार पर भी लगाम लगने की संभावना है, जिससे निर्माण क्षेत्र को बड़ी राहत मिल सकती है।
