रांची: धुर्वा थाना क्षेत्र से जुड़े करीब 10 साल पुराने दहेज हत्या मामले में अदालत ने आरोपी पति मुकेश कुमार को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। अपर न्यायायुक्त पवन कुमार की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
यह मामला धुर्वा थाना कांड संख्या 199/2016 से संबंधित है, जिसमें मुकेश कुमार पर दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने का आरोप लगाया गया था। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं हो सका।
फैसले में अदालत ने उल्लेख किया कि मृतका के मामा ने अपने बयान में कहा था कि अस्पताल में होश आने के बाद मृतका ने स्वयं आग लगाने की बात कही थी। वहीं, कई स्वतंत्र गवाहों ने भी दहेज प्रताड़ना के आरोपों की पुष्टि नहीं की। गवाहों के अनुसार, मृतका पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुकी थी और उसका मानसिक उपचार चल रहा था।
अदालत ने जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। फैसले में कहा गया कि अनुसंधान के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र नहीं किए गए। इसके अलावा प्राथमिकी में कथित दहेज मांग का स्पष्ट विवरण भी दर्ज नहीं था।
इन सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अभियोजन पक्ष के आरोपों को पर्याप्त रूप से सिद्ध नहीं माना और आरोपी मुकेश कुमार को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
