Muharram 2026 : आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से रांची में केंद्रीय शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, मुहर्रम कमिटियों के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, जुलूस संचालन और आपसी समन्वय से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी पक्षों से सहयोग और संयम बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि मुहर्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का भी प्रतीक है। इसलिए सभी लोगों की जिम्मेदारी है कि पर्व को शांति और अनुशासन के साथ संपन्न कराया जाए।
रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने स्पष्ट कहा कि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अशांति फैलाने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और अफवाह फैलाने या आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
एसएसपी ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों की भी साझा जिम्मेदारी है।
बैठक में रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने मुहर्रम जुलूस के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि सभी जुलूस पूर्व निर्धारित मार्ग और तय समय के अनुसार ही निकाले जाएंगे। इसके साथ ही संबंधित समितियों को न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों और प्रशासनिक नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन सभी समुदायों के सहयोग से पर्व को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आयोजन समितियों से समन्वय बनाए रखने और किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत प्रशासन से संपर्क करने का आग्रह किया।
बैठक के दौरान उपस्थित सामाजिक संगठनों और मुहर्रम कमिटियों के प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन को सहयोग का भरोसा दिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि रांची की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की परंपरा को कायम रखते हुए मुहर्रम का आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारी की जा रही है, ताकि पर्व के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो और सभी लोग सुरक्षित माहौल में अपने धार्मिक कार्यक्रम संपन्न कर सकें।
