
जनवरी में खरमास के बाद पूरे बिहार की यात्रा करेंगी


पटना : लोजपा(रा) नये साल में खरमास के बाद पूरे बिहार की यात्रा करेगी। इस दौरान पार्टी छोटी छोटी स्थानीय समस्याओं को चिन्हित कर उसके समाधान पर काम करेगी।केन्द्रीय मंत्री और लोजपा(रा)प्रमुख चिराग पासवान ने शुक्रवार को पटना में प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी देते हुए कहा अब हम सिर्फ सरकार के समर्थन में
नहीं,बल्कि उसमें शामिल हैं।एनडीए की नई सरकार में लोजपा(रा)के भी दो मंत्री हैं। उन्होने कहा कि 28 नवंबर कों पार्टी का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया जायेगा। दलित सेना को भी पुनर्गठित किया जाएगा।
इसकी जिम्मेदारी अरुण भारती को सौंपी गई है। चिराग पासवान ने प्रेस कांफ्रेंस में पार्टी की मजबूती, बीते वर्षों की चुनौतियों और आगे की रणनीति पर विस्तार से बातें की। उन्होने कहा कि साल 2009 पार्टी के लिए सबसे मुश्किल समय था, लेकिन 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव में लोजपा (रा) ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि पिता रामविलास पासवान के निधन के बाद भी उन्होंने अकेले चुनाव लड़ने के फैसले पर डटे रहकर पार्टी को फिर से खड़ा किया।
इस दौरान चिराग पासवान ने अपने चाचा पर भी हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पशुपति पारस ने न केवल लोजपा को बांटा बल्कि दिवंगत रामविलास पासवान के गैर-राजनीतिक संगठन दलित सेना को भी हड़पने की कोशिश की।
चिराग पासवान ने कहा कि उनके पिता की राजनीतिक विरासत और सामाजिक संघर्ष किसी एक गुट या व्यक्ति तक सीमित नहीं है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पारस की राजनीति अब पूरी तरह कमजोर पड़ चुकी है और जनता ने चुनाव परिणामों में इसे साफ कर दिया। चिराग ने कहा कि उनके चाचा ने कभी उन्हें गाली दी थी, चांडाल कहा था, लेकिन उन्होंने तब भी उन शब्दों को आशीर्वाद की तरह स्वीकार किया था क्योंकि बड़े-बुजुर्गों की हर बात आदर योग्य होती है।
अब जब पारस खुले तौर पर बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत की बधाई दे रहे हैं, तो उनकी शुभकामनाएं भी वह पूरा सम्मान देकर स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि 2020 में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला बिल्कुल सही था। उसी ने आज पार्टी को मजबूती दी है। 2020 में एनडीए से अलग होकर लोजपा(रा) ने 130+ सीटों पर चुनाव लड़ा था और केवल एक सीट मिली थी।
चिराग ने कहा कि इस हार ने पार्टी को सीख दी, टीम को मजबूत किया और आने वाले चुनावों के लिए जमीन तैयार की। 2025 विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 19 सीटें जीतकर मजबूत वापसी की है। चिराग ने दावा किया कि 2014 से पार्टी निरंतर मजबूत हुई है। कठिन समय आने पर भी कार्यकर्ताओं ने हार नहीं मानी।
उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि बिहार की समस्याओं को हल करना और राज्य को तेजी से आगे बढ़ाना है। जनता ने हमारे फैसलों पर भरोसा किया है और हम उस भरोसे पर खरा उतरेंगे। विभागों के बंटवारे से पहले चिराग का यह राजनीतिक संदेश स्पष्ट करता है कि नई सरकार में लोजपा (रा) अपनी भूमिका को और मजबूत करना चाहती है।


