पटना : सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने बिहार में चली आ रही न्याय परम्परा की सराहना की है। वह शनिवार को पटना उच्च न्यायालय परिसर में 302.56 करोड़ की विभिन्न न्यायिक परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे।
इस मौके पर उन्होंने मजबूत न्यायिक ढांचे की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर ही बढ़ती जनसंख्या, लंबित मामलों और जटिल विवादों की चुनौतियों से निपटने में सहायक होगा। सीजेआई ने कहा कि न्याय मशीनों से नहीं, बल्कि इंसानों द्वारा किया जाता है।
बिहार की न्याय परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यहां न्याय को केवल कानून की पुस्तकों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि बिहार में न्याय को कभी सिर्फ़ कठोर नियमों और कानून की किताब तक सीमित नहीं समझा गया। यहां न्याय बहुत ही मानवीय और नैतिक विचार है, जो सहानुभूति, ज़िम्मेदारी और सामाजिक समझ से बनता-बिगड़ता है।
इसके पहले मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के पटना उच्च न्यायालय पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर बिहार में थे। वे पटना दौरे की शुरुआत पटना साहिब गुरुद्वारा में दर्शन कर किये। उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य बिहार में न्यायिक अवसंरचना को मजबूत करना और तकनीक आधारित न्याय प्रणाली को बढ़ावा देना है।
इसमें न्यायिक अधिकारियों, वकीलों और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं देना, अदालत की कार्यक्षमता बढ़ाना और आधुनिक तकनीक से लैस न्यायिक वातावरण तैयार करना प्रमुख है। पटना के साथ ही मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के दौरे के दौरान गया में जजेज गेस्ट हाउस का ई-उद्घाटन भी शामिल है। इसके अलावा, वे पुनपुन के पोठही गांव में बिहार न्यायिक अकादमी के नए कैंपस के भूमि पूजन समारोह में भी शामिल हुए। यह नया कैंपस पटना के पुनपुन प्रखंड के पोठही (धरहरा क्षेत्र) में 38.77 एकड़ भूमि पर बनाया जा रहा है।
इसके पहले सीजेआई के बिहार आगमन पर शुक्रवार शाम पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के आवास पर मुख्य न्यायाधीश के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया गया था। लोकगायिका और विधायक मैथिली ठाकुर की टीम ने इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के द्वारा शुरू कराई गई सभी परियोजनाएं न्यायिक प्रक्रिया को तेज़, सुगम और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही हैं।
एडीआर भवन से जहां वैकल्पिक विवाद समाधान को बढ़ावा मिलेगा, वहीं आईटी भवन न्यायपालिका को डिजिटल दौर के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने की ताक़त देगा। इस गरिमामयी कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्ला और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल के साथ-साथ पटना हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधीर सिंह समेत कई अन्य न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता और प्रशासनिक अधिकारी भी इस मौके पर मौजूद रहे।
इसके अलावा पटना हाईकोर्ट के नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े, जो न्यायिक निरंतरता और संस्थागत मजबूती का प्रतीक बना।
