झारखंड सरकार दोषियों को बचाने में जुटी, बेरोजगार युवाओं के साथ कर रही अन्याय : धर्मेंद्र तिवारी

Dayanand Roy
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रांची : जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र तिवारी ने झारखंड हाई स्कूल शिक्षक नियुक्ति परीक्षा 2016 को लेकर झारखंड सरकार के रवैये पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

उन्होंने कहा है कि झारखंड हाई कोर्ट ने इस परीक्षा में हुई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन स्वयं किया था, और इसी कमेटी के अध्यक्ष के रूप में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एस.एन. पाठक को नियुक्त किया गया था।

उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश के बावजूद, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) और राज्य सरकार ने इस पूरे मामले में पारदर्शिता नहीं दिखाई। हाल ही में जब हाई कोर्ट ने बचे हुए पदों पर नियुक्ति करने का आदेश दिया, तो युवाओं में नई उम्मीद जगी थी, लेकिन राज्य सरकार द्वारा एल.पी.ए दाखिल कर देना युवाओं की आकांक्षाओं पर गहरा प्रहार है।

धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एस.एन. पाठक द्वारा अंतिम समय में जांच से इनकार करना जनता में निराशा उत्पन्न करता है। उन्होंने कहा कि चूंकि यह कमेटी स्वयं हाई कोर्ट द्वारा गठित की गई थी, इसलिए अब यह हाई कोर्ट की ही जिम्मेदारी है कि वह किसी नए योग्य व्यक्ति या पैनल को जांच का कार्य सौंपे, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए था कि वह युवाओं को नौकरी देती और न्यायालय के आदेश का सम्मान करती, परंतु इस सरकार ने इसके विपरीत जाकर भ्रष्टाचारियों को बचाने का प्रयास किया है। यह स्पष्ट रूप से झारखंड के बेरोजगार युवाओं के साथ धोखा और अन्याय है।

धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि जनता दल (यूनाइटेड) इस पूरे प्रकरण में न्यायिक पारदर्शिता और युवाओं के हक के लिए लगातार संघर्षरत रहेगी। उन्होंने राज्यपाल से यह भी मांग की कि फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और न्यायालय के निर्देशानुसार शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार का यह रवैया न्यायिक आदेशों की अवमानना के साथ-साथ युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ है। झारखंड के नौजवान अब चुप नहीं बैठेंगे  लड़ाई आगे भी जारी रहेगी जनता दल (यू) उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेगा।

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