केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का स्थापना दिवस हर वर्ष 27 जुलाई को मनाया जाता है। इस बल की स्थापना वर्ष 1939 में ब्रिटिश शासन के दौरान ‘क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस’ के रूप में की गई थी। स्वतंत्रता के बाद वर्ष 1949 में इसका नाम बदलकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) रखा गया। भारत के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने इसे एक बहुआयामी सुरक्षा बल के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की थी।
देश की सुरक्षा में अहम भूमिका
सीआरपीएफ देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है। यह कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने, चुनावों के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में शांति बनाए रखने का कार्य करता है। समय के साथ इसकी जिम्मेदारियां और भूमिका लगातार बढ़ी हैं।
विशेष इकाइयों की ताकत
सीआरपीएफ में कई विशिष्ट इकाइयाँ शामिल हैं, जिनमें रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), कमांडो बटालियन फॉर रिजोल्यूट एक्शन (CoBRA), VIP सुरक्षा विंग और महिला बटालियन प्रमुख हैं। ये इकाइयाँ विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करती हैं।
उपलब्धियां और बलिदान
सीआरपीएफ ने पंजाब और त्रिपुरा में उग्रवाद पर नियंत्रण, नक्सल विरोधी अभियानों और राष्ट्रीय महत्व के स्थलों की सुरक्षा में उल्लेखनीय योगदान दिया है। देश की रक्षा करते हुए अब तक 2,255 से अधिक जवान सर्वोच्च बलिदान दे चुके हैं। उनके साहस और सेवा के लिए उन्हें अशोक चक्र, कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र और जॉर्ज क्रॉस जैसे प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किए गए हैं।
