Giridih News : नगर निगम चुनाव के दौरान हुई गोलीबारी और हत्या के चर्चित मामले में शुक्रवार को नया मोड़ आ गया। हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा हुए चार आरोपियों को पुलिस ने जेल से बाहर निकलते ही दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से जिले में हड़कंप मच गया और मामला फिर सुर्खियों में आ गया।
जानकारी के अनुसार, नगर निगम चुनाव के दौरान हुई हिंसक घटना में गोलीबारी और हत्या का मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले में चारों आरोपी लंबे समय से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद थे। हाल ही में उन्हें एक मामले में हाई कोर्ट से जमानत मिल गई, जिसके बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। हालांकि, जेल से बाहर आते ही पुलिस ने उन्हें उसी घटना से जुड़े एक अन्य मामले में गिरफ्तार कर लिया।
कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेशी
पुलिस ने चारों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदालत में पेश किया। सुनवाई के बाद न्यायालय के निर्देश पर उन्हें फिर से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद पूरे मामले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
वकील ने उठाए प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल
आरोपियों के अधिवक्ता मंटू सिन्हा ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ही घटना को लेकर दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे। उनके अनुसार, जिस मामले में हाई कोर्ट से जमानत मिली, उसमें आरोपियों की रिहाई तय थी, लेकिन दूसरे मामले की जानकारी पहले नहीं दी गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे ही प्रशासन को आरोपियों की रिहाई की सूचना मिली, उन्हें तुरंत दूसरे केस में गिरफ्तार कर लिया गया। अधिवक्ता ने इसे कानूनी प्रक्रिया और पारदर्शिता के लिहाज से गंभीर मामला बताया।
पुलिस का पक्ष
वहीं पुलिस-प्रशासन का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों में कानून के अनुरूप कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी प्रावधानों के तहत की गई है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद मामला राजनीतिक और कानूनी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की नजर आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई है।
