सम्राट के गृह मंत्री बनते ही एक्शन शुरु, अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई हुई तेज

Dayanand Roy
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महेश कुमार सिन्हा

पटना : बिहार में मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा होते ही अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को गृह विभाग की जिम्मेदारी मिलने के तुरंत बाद, शुक्रवार की रात बेगूसराय जिले में एक बड़ा एनकाउंटर किया गया। इस संयुक्त कार्रवाई में बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और जिला पुलिस ने कुख्यात अपराधी शिवदत्त राय को मुठभेड़ के दौरान घायल कर दिया।

यह घटना बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के शालिग्राम और मल्हीपुर गांव के पास हुई।  यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि नई सरकार ने राज्य में कानून व्यवस्था को प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर रखा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुख्यात अपराधी शिवदत्त राय साहेबपुर कमाल थाना इलाके के मल्हीपुर गांव के आसपास हथियार खरीदने के इरादे से पहुंचा है।

सूचना मिलते ही, एसटीएफ की टीम तत्काल मल्हीपुर गांव पहुंची और स्थानीय जिला पुलिस को भी अलर्ट किया गया। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो वहां दो मोटरसाइकिल पर छह अपराधी सवार थे। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने बिना किसी चेतावनी के गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस दौरान, कुख्यात अपराधी शिवदत्त राय की जांघ में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया।

हालांकि मुठभेड़ के दौरान शिवदत्त राय के अन्य साथी अपराधी मौके से फरार होने में सफल रहे। लेकिन पुलिस ने घायल अवस्था में शिवदत्त को गिरफ्तार कर लिया। शिवदत्त राय से की गई शुरुआती पूछताछ के आधार पर पुलिस ने एक ठिकाने पर छापेमारी की। इस छापेमारी में पुलिस को बड़ी संख्या में हथियार, नकदी (रुपये) और कफ सिरप बरामद हुए हैं। पुलिस ने इन सामानों को जब्त कर लिया है और फरार अपराधियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। बताया जाता है कि घायल शिवदत्त राय पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

यह एनकाउंटर ऐसे समय में हुआ है जब शुक्रवार को ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली नई मंत्रिमंडल में विभागों का बंटवारा हुआ। इस बंटवारे में गृह विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सौंपी गई है।

माना जा रहा है कि यह त्वरित और प्रभावी कार्रवाई नए गृह मंत्री के सख्त रुख को दर्शाती है और अपराधियों के बीच एक स्पष्ट संदेश भेजने का प्रयास है कि अब राज्य में अपराध और अपराधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल, पुलिस शिवदत्त राय के अन्य साथियों और हथियार खरीद के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

सम्राट चौधरी को गृह विभाग सौंपे जाने के बाद भाजपा समर्थक इस कदम को ‘यूपी मॉडल’ की ओर बढ़ने के रूप में देख रहे हैं। योगी आदित्यनाथ की तर्ज पर अपराधियों पर कड़ा शिकंजा कसने और बुलडोजर की चर्चा भी तेज है।

हालांकि उनकी असली परीक्षा यह होगी कि सम्राट चौधरी किस तरह पुलिस-प्रशासन के साथ तालमेल बैठाकर सुशासन की नीतीश कुमार की स्थापित लकीर को और आगे बढ़ाते हैं।पिछले 20 साल से गृह विभाग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास था।

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