Gumla News: गुमला उपायुक्त दिलीश्वर महत्तो ने शनिवार को बिशुनपुर प्रखंड के नरमा पंचायत स्थित बेती गांव का दौरा कर विकास कार्यों का निरीक्षण किया और जनसंवाद कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं और सुझाव सुने तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनसंवाद कार्यक्रम में अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक, सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रदीप भगत और जिला कल्याण पदाधिकारी आलोक कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
सोलर जलापूर्ति, सिंचाई और सड़क की उठी मांग
ग्रामीणों ने जनसंवाद के दौरान सिंचाई की समस्या, नदी से खेतों तक सोलर आधारित जलापूर्ति, डीप बोरिंग, सड़क निर्माण, तालाब जीर्णोद्धार, गार्डवाल निर्माण, शिक्षकों की कमी और महिला समूहों को स्वरोजगार से जोड़ने जैसी मांगें रखीं। साथ ही कुसुम खर्रा (उत्तरी कोयल नदी क्षेत्र) को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग भी उठाई गई।
कृषि विभाग ने किसानों को रागी समेत अन्य फसलों की उन्नत खेती, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और फसल बीमा योजना की जानकारी दी तथा आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया। वहीं समाज कल्याण और आपूर्ति विभाग ने सरकारी योजनाओं एवं राशन व्यवस्था की जानकारी साझा की।
बेती गांव को मॉडल गांव बनाने की घोषणा
उपायुक्त दिलीश्वर महत्तो ने कहा कि बेती गांव को मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाएगा और किसी भी PVTG (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) परिवार को सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने आवास, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने का भरोसा दिया।
उन्होंने कृषि उत्पादन और विपणन को बढ़ावा देने के लिए एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन) के माध्यम से सहयोग देने की बात कही तथा अभिभावकों से बच्चों को नियमित स्कूल भेजने की अपील की।
आंगनबाड़ी और स्कूल का किया निरीक्षण
कार्यक्रम के बाद DC ने बिरहोर टोला, आंगनबाड़ी केंद्र और विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने अधूरे आंगनबाड़ी कार्यों को जल्द पूरा करने और विद्यालय भवन का अस्थायी रूप से MPC सेंटर (बंधन विकास केंद्र) के रूप में उपयोग करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क तथा पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है।
