मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत में पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। शनिवार को एक बार फिर तेल कंपनियों ने ईंधन के दाम बढ़ा दिए हैं। नई दरों के अनुसार पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर, डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर और CNG में 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है।
लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। परिवहन लागत बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम पर भी असर पड़ सकता है।
रांची में पेट्रोल की नई कीमत
झारखंड की राजधानी रांची में शनिवार को पेट्रोल की कीमत 102.60 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई। वहीं 22 मई 2026 को इसकी कीमत 102.13 रुपये प्रति लीटर थी। यानी सिर्फ एक दिन में पेट्रोल 47 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया।
डीजल और CNG की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का असर भी शहर के वाहन चालकों और परिवहन क्षेत्र पर साफ दिखाई दे रहा है।
9 दिनों में तीसरी बार बढ़े दाम
सरकारी तेल कंपनियों ने 15 मई 2026 को करीब चार साल बाद पहली बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तीन रुपये से अधिक की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद 19 मई को फिर पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा हुआ। अब 23 मई को तीसरी बार कीमतों में इजाफा किया गया है।
लगातार हो रही इस बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इससे महंगाई और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
सरकार ने अफवाहों से बचने की दी सलाह
कुछ दिन पहले केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा था कि देश में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है और सप्लाई पूरी तरह स्थिर बनी हुई है। मंत्रालय ने लोगों से अफवाहों से बचने और घबराने की जरूरत नहीं होने की बात कही थी।
कच्चे तेल की महंगाई बनी वजह
सरकारी तेल कंपनियां लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के बावजूद घरेलू दाम स्थिर रखे हुए थीं। लेकिन अब लगातार बढ़ती लागत के कारण कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडिल-ईस्ट संकट जारी रहा, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और उछाल देखा जा सकता है।
