पटना : भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने गुरुवार को प्रदेश कार्यालय में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने दिलीप जायसवाल की जगह ली, जो अभी राज्य के उद्योग मंत्री हैं। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने इस मौके पर कहा कि एक संगठनकर्ता और दरभंगा से लगातार चुनाव जीतकर आने वाले संजय सरावगी भाई ने आज प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी संभाल ली है।
संगठन में उनका लंबा अनुभव है। उनके साथ काम करने का हमें अनुभव मिला है। पीएम मोदी जी के सबका साथ वाला स्वभाव संजय सरावगी जी का है।उन्होंने कहा कि मैं केंद्रीय नेतृत्व को बधाई देता हूं कि हमें संजय सरावगी के रूप में प्रदेश अध्यक्ष दिया है। इसके अलावा मेरे कार्यकाल में मेरे भाई नितिन नवीन जी को भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।
दिलीप जायसवाल ने कहा कि करीब 17 महीने तक मैं प्रदेश अध्यक्ष रहा। मैं आदरणीय सभी नेता गण और कार्यकर्ता बंधुओं का धन्यवाद करता हूं। दिलीप जायसवाल ने कहा कि बिहार में एक बार फिर आप सभी ने एनडीए सरकार बनाने का काम किया, इसके लिए मैं आप सभी को हृदय से धन्यवाद देता हूं।
मुझे पूरी उम्मीद है कि बिहार भाजपा परिवार के नए मुखिया संगठन को और मजबूत करने का काम करेंगे। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष जिम्मेदारी संभालने के बाद संजय सरावगी ने कहा कि संगठन की जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाऊंगा। मेरी कोशिश होगी कि कार्यकर्ताओं की आवाज सरकार तक पहुंचती रहे।
संजय सरावगी के पदभार संभालने से पहले भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। बेली रोड से भाजपा प्रदेश कार्यालय तक उन्होंने रोड शो किया। उनके स्वागत के लिए हाथी, घोड़े और ऊंट दिखाई दिए। बैंड बाजे के साथ पहुंचे कार्यकर्ता उनके स्वागत में खड़े रहे। संजय सरावगी का जन्म 28 अगस्त 1969 को हुआ था और वे वैश्य समुदाय से संबंध रखते हैं।
वे भाजपा के पुराने और भरोसेमंद नेताओं में शामिल रहे हैं और कारोबारी वर्ग में उनकी अच्छी पकड़ है। मिथिलांचल की राजनीति में दरभंगा का विशेष महत्व रहा है, जहां संजय सरावगी का प्रभाव भी देखा जाता है। साल 1995 में भाजपा से जुड़े संजय सरावगी पहली बार 2005 में विधानसभा चुनाव लड़े।
राजद के सुल्तान अहमद के बाद वो दरभंगा से मार्च 2005, नवंबर 2005, 2010, 2015, 2020 और 2025 का विधानसभा चुनाव लगातार जीतते रहे हैं। संजय सरावगी के पास एम.कॉम और एमबीए की डिग्री है। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से की थी, जिसके बाद वे 1995 में भाजपा में शामिल हो गए। पिछली सरकार में वह राज्य में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री की जवादेही संभाल चुके हैं।
