
महेश कुमार सिन्हा

पीएम मोदी भी शामिल होंगे शपथ ग्रहण समारोह में

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को राजभवन जाकर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके साथ ही उन्होने नई सरकार बनाने का दावा भी पेश किया। राज्यपाल ने उन्हे नई व्यवस्था बहाल होने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी निभाने को कहा है।
इससे पहले एनडीए के सभी घटक दलों की विधानसभा के सेंट्रल हॉल में हुई अहम बैठक में सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया।भाजपा विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद के लिए नीतीश कुमार के नाम का प्रस्ताव रखा। जिसका एनडीए के सभी विधायकों ने समर्थन किया। नीतीश कुमार गुरुवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे पटना के गांधी मैदान में 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और एनडीए शासित राज्यों के तमाम मुख्यमंत्री शामिल होंगे।समारोह में भाग लेने के लिए 150 मेहमानों को आमंत्रित किया गया है।
इससे पहले आज दिन की शुरुआत जदयू विधायक दल की बैठक से हुई, जहां पार्टी विधायकों ने सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को अपना नेता चुना। इसके बाद भाजपा की बैठक में सम्राट चौधरी को भाजपा विधायक दल का नेता और विजय सिन्हा को उपनेता चुना गया। अलग-अलग बैठकों के बाद एनडीए के सभी विधायक दोपहर करीब 3 बजे सेंट्रल हॉल पहुंचे, जहां एनडीए विधायक दल की बैठक हुई। इस बीच नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी पूरी हो गई है। माना जा रहा है कि एनडीए का संयुक्त मंत्रिमंडल इस बार बड़ा और संतुलित होगा, जिसमें बीजेपी और जदयू को लगभग बराबर प्रतिनिधित्व मिलेगा, जबकि सहयोगी दलों को भी जगह दी जाएगी। एनडीए की इस सर्वसम्मति से यह स्पष्ट है कि गठबंधन नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार चलाने को लेकर पूरी तरह एकजुट है।
सूत्र बताते हैं कि नई सरकार के गठन में इस बार मुख्यमंत्री के साथ ही मंत्रिमंडल के कई चेहरों में बदलाव देखने को मिल सकता है। एनडीए गठबंधन मजबूत बहुमत के साथ सत्ता में है और माना जा रहा है कि विभागों के बंटवारे में भी इस बार नई प्राथमिकताएं तय की जाएंगी। प्रशासनिक सुधार, विकास योजनाओं की गति और कानून-व्यवस्था को लेकर गठबंधन की अगली रूपरेखा एनडीए की पहली बैठक में तय की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दो उपमुख्यमंत्रियों के अलावा करीब 20 मंत्रियों के साथ शपथ ग्रहण करेंगे। इन मंत्रियों में भाजपा, जदयू के अलावा लोजपा (रा), हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के विधायक भी शामिल होंगे। भाजपा के मंत्रियों की सूची को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अंतिम रूप दे रहे हैं, जबकि जदयू के मंत्रियों की सूची मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बना रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो भाजपा से सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, रामकृपाल यादव, नितिन नवीन, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल, विजय मंडल, नीतीश मिश्रा, रेणु देवी, संजीव चौरसिया और श्रेयसी सिंह मंत्री बन सकती हैं। जबकि जदयू से विजय चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, जयंत राज और सुनील कुमार फिर से मंत्री बन सकते हैं। वहीं, लोजपा(रा) से राजू तिवारी, संजय पासवान और डेहरी विधायक राजीव रंजन सिंह का नाम चर्चा में हैं। जबकि हम से जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन फिर से मंत्री बन सकते हैं। इसके साथ ही रालोमो से उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता कुशवाहा का नाम सबसे आगे है।
सूत्रों के अनुसार नीतीश सरकार में इस बार 35 से 36 मंत्री बन सकते हैं। 6 विधायकों पर एक मंत्री पद का फार्मूला लागू हो सकता है। इस लिहाज से जदयू के मुख्यमंत्री सहित 15 मंत्री और भाजपा से 16 विधायक मंत्री बन सकते हैं। भाजपा से दो उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा होंगे। भाजपा कोटे से डा.प्रेम कुमार विधानसभा अध्यक्ष हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, नई सरकार में 5 मंत्रीपद खाली रखा जा सकता है और आगे आने वाले समय में उसको भरा जा सकता है।


