
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी निशाने पर लिया

पटना : प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले सोमवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को हुआ और आज 10 नवंबर तक यानी चार दिन बाद भी सही आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए हैं कि कितने पुरुष और कितनी महिलाओं ने मतदान किया।

उन्होंने कहा कि कोई भी आधिकारिक आंकड़ा नहीं आया है। पहले मैन्युअली भी उसी दिन आंकड़े सामने आ जाते थे, अब तो तकनीक का जमाना है। फिर भी आंकड़ा क्यों छिपाया जा रहा है? तेजस्वी यादव ने कहा कि 11 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान है और 14 नवंबर को परिणाम आएंगे, लेकिन 14 तक पता ही नहीं चलेगा कि किस अनुपात में मतदान हुआ है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि यह गंभीर सवाल खड़ा हुआ है कि चुनाव में सुरक्षा बल भाजपा शासित राज्य राज्यों से ही क्यों बुलाए गए। बंगाल झारखंड और तमिलनाडु से क्यों नहीं आया है? मेघालय और त्रिपुरा से आ रहा है, लेकिन बगल के राज्य से नहीं आ रहा है, केरला से क्यों नहीं आ रहा है? उन्होंने कहा कि 243 विधानसभा क्षेत्रों में 68 प्रतिशत ऑब्जर्वर बाहर से आए हैं, बावजूद इसके चुनाव आयोग आंकड़े छिपा रहा है।
चार दिन बीत जाने के बाद भी आंकड़े नहीं दिए गए। पहले तुरंत वोट प्रतिशत आता था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पाप करती है और चुनाव आयोग उस पर पर्दा ड़ालता है। स्ट्रांग रुम का सीसीटीवी बंद हो जा रहा है, इसपर जवाब देना चाहिए। सुरक्षा बलों की कुल 208 कंपनियां भाजपा शासित राज्यों से बुलाई गई है। तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव आयोग से कई सवाल है सरायरंजन मे वीवीपैट की पर्ची मिली है।
सत्ता के लोग डरे हुए है । केंद्रीय गृहमंत्री को कोई काम नहीं है, पटना में डेरा जमाए हैं। बड़े अधिकारी को बुलाया जाता है ,कंहा कंहा डिस्टर्ब करना है, लगातार फोन जा रहा है। अधिकारी को निर्देश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बौखलाहट बता रहा है की ये जाने वाले हैं। सूचना उन्हीं अधिकारी से मिली है, जिनको फोन गया है।
उन्होंने नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार की जनता इस बार बदलाव के मूड में है। तेजस्वी ने कहा कि हमने इस चुनाव में 171 रैलियां की। ऐसा कोई जिला या ब्लॉक नहीं बचा जहां मैं नहीं गया। हर जगह जनता का मूड साफ था और था बदलाव का। पहले चरण में लोगों ने उसी मूड में मतदान किया है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि 20 साल की डबल इंजन सरकार ने बिहार को पलायन, बेरोजगारी और पिछड़ापन ही दिया.“अगर डबल इंजन सरकार चाहती, तो बिहार आज नंबर वन राज्य होता। लेकिन, आज हालत ये है कि पढ़ाई, कमाई और दवाई- सबके लिए बिहारी को बाहर जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग अब चाहते हैं कि कोई परिवार बिछड़े नहीं, हर परिवार में नौकरी हो और पढ़ाई-दवाई-कमाई की व्यवस्था इसी राज्य में हो।


