
झारखंड लोक सेवा आयोग और एनएचएम से चयनित करीब 175 सहायक प्राध्यापक और विशेषज्ञ डॉक्टरों को मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र बांटा

रांची : झारखंड में सरकारी चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए हेमंत सरकार प्रयत्नशील है। इसके तहत झारखंड लोक सेवा आयोग और एनएचएम से चयनित करीब 175 सहायक प्राध्यापक और विशेषज्ञ डॉक्टरों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरूवार को नियुक्ति पत्र बांटा।

नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आपको भगवान कहा जाता है, इसलिए आप पर जिम्मेदारी के साथ साथ लोगों का विश्वास भी टिका है। उन्होंने कहा कि जो डॉक्टर बहाल हो रहे हैं, उनके कार्यों का आकलन किया जायेगा और जो बेहतर प्रदर्शन करेंगे उन्हें सरकार सम्मानित करेगी।
सीएम ने कहा कि झारखंड के स्वास्थ्य के संदर्भ में बहुत कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि आप सब लोगों ने अपने करियर में स्वास्थ्य का क्षेत्र चुना है, उम्मीद है आपके उपर इस राज्य के गरीब लोगों की सेवा करने की जिम्मेदारी है।
इसलिए मैं कह सकता हूं कि आज भगवानों की नियुक्ति हो रही है। आप सभी लोगों का सहयोग लेकर राज्य में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था कैसे बहाल हो यह कोशिश राज्य सरकार की ओर से की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कोरोना का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक ऐसा बीमारी आई, जिसमें खुद लोगों को घर में बंद होना पड़ा। ऐसे में हम लोग प्रवासी मजदूरों को लाने में लगे रहे।
एक बेहतर प्रबंधन के कारण इस चुनौती को पार करने में इस कदर सफल रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस लड़ाई को हम लोगों ने बेहतर ढंग से इस चुनौती को पार करने में सफल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बेहतर कार्य करने वाले चिकित्सक को सम्मानित भी किया जाना चाहिए, जिससे इनका मनोबल बढ़ने के साथ साथ दूसरों को भी प्रेरणा मिल सके। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री बुखार से पीड़ित हैं। इसके बाबजूद वो इस कार्यक्रम में आए यह दर्शाता है कि सरकार चिकित्सकों की नियुक्ति को लेकर कितना गंभीर हैं।
आज करीब 175 डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र सौंपा गया है, जो पिछले 20 सालों में सबसे ज्यादा है। आने वाले समय में और भी चिकित्सकों की नियुक्ति की जायेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने विपक्ष को सकारात्मक राजनीति करने की सलाह देते हुए कहा कि हम आलोचना से घबराने वाले नहीं हैं।
हम दृढनिश्चय होकर काम करते रहेंगे। इस मौके पर नियुक्ति पत्र पाने वाले चिकित्सकों ने सरकार की नीतियों का स्वागत किया और कहा कि जो जिम्मेदारी दी गई है खासकर ग्रामीण जनता की सेवा करने का उसे हम बखूबी निभाएंगे।
इस मौके पर स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड देश का पहला राज्य है जहां संविदा पर कार्यरत चिकित्सकों को दूसरे राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा पैसा मिलता है। उन्होंने कहा कि झारखंड में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 146 रिक्त पदों में हमें करीब 100 ही विशेषज्ञ चिकित्सक मिले हैं। अभी भी 50 पद खाली हैं जबकि सरकार ने इन चिकित्सकों को अपनी इच्छानुसार पोस्टिंग और पैसे की सुविधा दी है।



