हिजाब खींचने का मामला बना अंतरराष्ट्रीय, सीएम नीतीश की सुरक्षा बढ़ाई गई

Dayanand Roy
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महिला डॉक्टर शनिवार को नौकरी ज्वाइन कर सकती है

पटना : हिजाब प्रकरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है और अब यह मामला अंतरराष्ट्रीय बन गया है।विदेशी मीडिया ने महिला डॉक्टर का हिजाब खींचने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आलोचना की है।

उधर पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी की धमकी के बाद सीएम नीतीश की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस बीच महिला डॉक्टर नुसरत परवीन की एक सहेली ने बताया कि वह शनिवार  को नौकरी जाॅइन कर सकती है। उसे मुख्यमंत्री से कोई नाराजगी नहीं है। लेकिन सीएम ने जो किया वह गलत है। नुसरत हमेशा परदे में रहती है।

इधर हिजाब विवाद को लेकर जारी  बयानबाजी के बीच भाजपा के नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बचाव में खुलकर सामने आने लगे हैं। इसी कड़ी में बिहार भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव निखिल आनंद ने शुक्रवार को अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट में लिखा है कि भारत सरकार और बिहार सरकार से अपील है कि बिना चेहरा देखे किसी भी स्त्री-पुरुष को परीक्षा देने, नियुक्ति पत्र लेने और किसी भी संस्थान में पढ़ाई करने या नौकरी करने की अनुमति न दी जाए। परीक्षा केंद्र पर चेहरे की वीडियोग्राफी कराकर ही प्रवेश दिया जाए और नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान अभ्यर्थी का चेहरा समेत वीडियोग्राफी की जाए। इसके साथ

 ही उन्होंने चुनाव आयोग से भी अपील की है कि भविष्य में सभी मतदान केंद्रों पर शत-प्रतिशत वीडियोग्राफी और वेबकास्टिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि बिना चेहरा देखे किसी भी व्यक्ति को वोट देने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने इसे लोकतंत्र की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने का उपाय बताया। पाकिस्तान से मिली धमकी को लेकर भी निखिल आनंद ने प्रतिक्रिया दी है। हाल ही में पाकिस्तान के डॉन शहजाद भट्टी का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उसने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धमकी दी थी।

बिहार पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। इस पर निखिल आनंद ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धमकी देने वाले पाकिस्तान परस्त, छद्म धर्मनिरपेक्षता और भारत में शरिया कानून लागू करने के समर्थक लोग जान लें कि ओबीसी-ईबीसी और पिछड़ा समाज चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार  बिहार के जन-जन के नेता हैं और समस्त दलित-महादलित-पिछड़ा और अति पिछड़ा समाज के गौरव हैं।

भारत को पाकिस्तान और बांग्लादेश बनाने की कोशिशों के खिलाफ देशवासियों को एकजुट होकर अपनी आवाज उठानी होगी।  भाजपा के पूर्व विधायक हरि भूषण ठाकुर बचौल ने सरकारी नियुक्तियों और सार्वजनिक पदों पर पहचान से जुड़े सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कोई महिला सरकारी कर्मचारी या डॉक्टर जैसे संवेदनशील पद पर नियुक्ति पत्र लेने जा रही है, तो उसकी पहचान स्पष्ट होनी चाहिए।

उन्होंने सवाल किया कि अगर बुर्का पहनकर नियुक्ति पत्र लिया जा रहा है, तो उसमें लगी तस्वीर उसी व्यक्ति की है या किसी और की, यह कैसे सुनिश्चित किया जाएगा? बचौल ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बचाव करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने कोई गलत काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अगर इस फैसले को लेकर कोई मुख्यमंत्री को धमकी दे रहा है, तो ऐसी धमकियां नहीं चलने वाली हैं।

कानून और व्यवस्था के तहत सरकार अपना काम करेगी। बचौल ने अपने बयान में और सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत कोई इस्लामिक देश नहीं है।

उन्होंने कहा कि जिन्हें बुर्का से विशेष लगाव है और जो इसे हर जगह अनिवार्य मानते हैं, उन्हें पाकिस्तान, बांग्लादेश या इराक जैसे इस्लामिक देशों में जाना चाहिए। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। वहीं, इस मामले को लेकर मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि हिजाब हटाने वाली घटना को बेवजह तूल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उस महिला डॉक्टर के पिता तुल्य हैं। उन्होंने बस महिला डॉक्टर को सुझाव दिया था।

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