कांग्रेस पार्टी की विचारधारा ही आदिवासियों के हक़ और अधिकार की सबसे सशक्त आवाज़ : बंधु तिर्की

Dayanand Roy
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आदिवासी लीडरशिप सशक्तिकरण कार्यक्रम में शामिल हुए प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष

ओडिशा : कांग्रेस पार्टी की विचारधारा ही आदिवासियों के हक़ और अधिकार की सबसे सशक्त आवाज़ रही है। पेसा कानून, वन अधिकार अधिनियम, मनरेगा, भूमि अधिग्रहण कानून, छात्रवृत्ति और भोजन का अधिकार ये सभी कांग्रेस की नीतियों का परिणाम हैं।

सोमवार को ये बातें प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहीं। वे भुवनेश्वर में आयोजित “आदिवासी नेतृत्व चयन और सशक्तिकरण कार्यक्रम” में बोल रहे थे।

 बंधु ने कहा कि आज ज़रूरत है कि हम आदिवासी समाज के भीतर से नई नेतृत्व क्षमता को पहचानें, उसे प्रशिक्षित करें और सामाजिक जागरूकता को गहराई तक पहुंचाएं। उन्होंने आगे कहा कि आज सूचना और तकनीकी के युग में नेताओं को नए उपकरणों, नीतियों और सरकारी योजनाओं की समझ के साथ समाज को जागरूक करने की आवश्यकता है।

“हमें अपने समाज के मुद्दों को समझना होगा, ब्लॉक और पंचायत स्तर तक पहुँच बनानी होगी और कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाना होगा। श्री तिर्की ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अब केवल नाम मात्र की आदिवासी कांग्रेस नहीं, बल्कि एक संगठित और सशक्त जनआंदोलन की दिशा में आगे बढ़ रही है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य यही है कि हर प्रतिभाशाली आदिवासी कार्यकर्ता को अवसर मिले और वह अपने समाज की आवाज़ बन सके।कार्यक्रम के अंत में आगामी चरणों में नेतृत्व पैनल चयन और प्रशिक्षण के दिशा-निर्देश पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने इस पहल के प्रति उत्साह और सहयोग का संकल्प व्यक्त किया।

यह कार्यक्रम कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, तथा एससी, एसटी और ओबीसी कोऑर्डिनेटर के. राजू जी के मार्गदर्शन और दूरदर्शी सोच के तहत चलाया जा रहा है। इसका मकसद देशभर में, विशेषकर आदिवासी समाज के बीच, उभरते नेतृत्व को पहचानना, प्रशिक्षित करना और उन्हें संगठन में सशक्त भूमिका प्रदान करना है।

इसी क्रम में, उड़ीसा राज्य में आदिवासी नेतृत्व को मजबूत करने और संभावनाशील लीडर्स के चयन की जिम्मेदारी शीर्ष नेतृत्व की ओर से बंधु तिर्की को सौंपी गई है। इस पहल के तहत उन्होंने सोमवार को उड़ीसा में विभिन्न आदिवासी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ संवाद कर पैनल चयन प्रक्रिया की शुरुआत की।बैठक में राज्य प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक प्रह्लाद पूर्ति, सचिव मत्राज डुंगडुंग, जैकब माझी (गजपति जिला) और लक्ष्मण हेंब्रोम (अंगुल जिला कांग्रेस) सीएलपी लीडर रामचंद्र, यशवंत सिंह, राहुल पाल, आदित्य भगत, मानस सहित अनेक वरिष्ठ आदिवासी नेता, निदेशकगण और आदिवासी समुदाय के कार्यकर्ता शामिल हुए।

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