वैज्ञानिकों ने एक ऐसा स्मार्ट टैटू विकसित किया है, जो त्वचा कैंसर के सबसे खतरनाक प्रकार मेलेनोमा का शुरुआती चरण में पता लगाने में मदद कर सकता है। इस तकनीक की खासियत यह है कि यह कैंसर का संकेत उस समय भी पकड़ सकती है, जब त्वचा पर कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। इससे समय पर इलाज शुरू करने की संभावना बढ़ सकती है।
तापमान में बदलाव से लगाएगा बीमारी का पता
शोधकर्ताओं के अनुसार, मेलेनोमा की कैंसर कोशिकाएं सामान्य कोशिकाओं की तुलना में अधिक ऊर्जा खर्च करती हैं, जिससे प्रभावित हिस्से का तापमान थोड़ा बढ़ जाता है। इसी सिद्धांत पर आधारित इस अस्थायी स्मार्ट टैटू में माइक्रोनीडल्स और विशेष नैनोकणों का उपयोग किया गया है। ये त्वचा के नीचे होने वाले बेहद सूक्ष्म तापमान परिवर्तनों को महसूस करते हैं। जब त्वचा पर विशेष इन्फ्रारेड प्रकाश डाला जाता है, तो नैनोकणों की चमक बदलती है। अल्ट्राफास्ट इमेजिंग तकनीक इस बदलाव को रिकॉर्ड कर तापमान का विस्तृत नक्शा तैयार करती है, जिससे संभावित कैंसर कोशिकाओं की शुरुआती पहचान संभव हो सकती है।
