CM हेमंत सोरेन की हाई लेवल बैठक: बजट, राजस्व और पारदर्शिता पर जोर, कहा- खनन राजस्व में झारखंड पड़ोसी राज्यों से आगे

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग की समीक्षा बैठक में बजट प्रबंधन, राजस्व वृद्धि, खनन आय, जीएसटी संग्रह और प्रशासनिक पारदर्शिता पर जोर दिया।

Dayanand Roy
3 Min Read

Hemant Soren : झारखंड मंत्रालय में सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य की वित्तीय स्थिति, बजट प्रबंधन, राजस्व संग्रह, योजनाओं के क्रियान्वयन और विभागीय कार्यप्रणाली की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बजट प्रावधानों के प्रभावी उपयोग और राजस्व लक्ष्य हासिल करने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।

बजट प्रबंधन और वित्तीय स्थिति की समीक्षा

बैठक के दौरान बजट आकलन, राजस्व लक्ष्य, स्थापना व्यय, पूंजीगत प्राप्तियां और केंद्र सरकार से मिलने वाले अनुदान जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। राज्य के आय-व्यय की स्थिति का बिंदुवार आकलन करते हुए वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और समुचित उपयोग पर जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति, खर्च की गति और लक्ष्य प्राप्ति की स्थिति की भी समीक्षा की। साथ ही संभावित चुनौतियों पर चर्चा करते हुए समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।

खनन राजस्व में झारखंड की स्थिति मजबूत

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार खनन राजस्व के मामले में झारखंड की स्थिति पड़ोसी राज्यों ओडिशा और छत्तीसगढ़ की तुलना में बेहतर बताई गई। अधिकारियों ने जानकारी दी कि खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और निगरानी तंत्र के कारण राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस उपलब्धि पर संतोष जताते हुए अवैध खनन पर सख्त नियंत्रण, पारदर्शिता और आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर बल दिया।

बायोमैट्रिक और ई-गवर्नेंस प्रणाली पर जोर

सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी विभागों में बायोमैट्रिक सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी होंगी और कार्यों की निगरानी बेहतर तरीके से हो सकेगी।

वाणिज्य-कर विभाग की समीक्षा में GST और राजस्व वृद्धि पर फोकस

बैठक में वाणिज्य-कर विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान जीएसटी (GST), वैट (VAT), प्रोफेशनल टैक्स और अन्य कर मदों से राजस्व संग्रह की स्थिति पर चर्चा हुई। कर चोरी रोकने, तकनीकी निगरानी मजबूत करने और करदाताओं के बीच अनुपालन बढ़ाने पर जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने विभागीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए ताकि करदाताओं को सुविधा मिले और राज्य के राजस्व में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में विभागीय मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव प्रशांत कुमार और वाणिज्य-कर विभाग के सचिव अमित कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *