Home Must Read भाजपा को निर्वाचन आयोग के साथ मिलीभगत के जरिये ‘वोट चोरी’ नहीं करने देंगे: राहुल गांधी

भाजपा को निर्वाचन आयोग के साथ मिलीभगत के जरिये ‘वोट चोरी’ नहीं करने देंगे: राहुल गांधी

by Dayanand Roy

मुंगेर: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को निर्वाचन आयोग के साथ मिलीभगत करके बिहार के लोगों से उनका मताधिकार छीनने की अनुमति नहीं देगा।

कांग्रेस की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के पांचवें दिन मुंगेर में भारी बारिश के बीच एक रैली को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि ‘वोट चोरी’ संविधान पर हमला है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, “बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू करके भाजपा निर्वाचन आयोग के माध्यम से ‘वोट चोरी’ कर रही है। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ भाजपा को लोगों से उनका मताधिकार छीनने की इजाजत नहीं देगा।”

गांधी ने दावा किया कि भाजपा ने पिछले लोकसभा चुनाव के नतीजों में हेरफेर किया था और निर्वाचन आयोग ने बेंगलुरु सेंट्रल सीट पर एक लाख फर्जी मतदाताओं को जोड़ दिया था।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने मूसलाधार बारिश के बीच एक खुले वाहन के ऊपर खड़े होकर कहा, “प्रधानमंत्री भी ‘वोट चोर’ हैं और भाजपा उद्योगपतियों के एक वर्ग को फायदा पहुंचाने के लिए लोगों से उनका मताधिकार छीनने की कोशिश कर रही है…बिहार के युवा अपने राज्य में रोजगार के अवसर चाहते हैं।”

गांधी ने रविवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद जैसे नेताओं की उपस्थिति में सासाराम में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को हरी झंडी दिखाई थी।

अपने एक दिन के विराम के बाद राज्य लौटे कांग्रेस नेता लखीसराय जिले में यात्रा में शामिल हुए। इससे कुछ घंटे पहले ही शेखपुरा में उनके सहयोगी राजद के तेजस्वी यादव ने दूसरे चरण की शुरुआत की थी।

इससे पहले दिन में, गांधी ने आरोप लगाया था कि मौजूदा सरकार ‘‘चोरी के मतों’’ से बनी है। उन्होंने लोगों से ऐसी सरकार चुनने का आग्रह किया जो ‘‘सचमुच आपकी हो, जिम्मेदारी ले और आपके प्रति जवाबदेह हो’’।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में अपनी यात्रा के दौरान चुनावी राज्य बिहार के औरंगाबाद के युवाओं से बातचीत का पांच मिनट का एक वीडियो साझा किया और कहा कि लोगों को भारत माता और संविधान की रक्षा के लिए अपने वोट की शक्ति का इस्तेमाल करना चाहिए।

गांधी ने जोर देकर कहा कि एक साफ़-सुथरी मतदाता सूची स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की आधारशिला है और उन्होंने बिहार के लोगों से अपने मताधिकार को न खोने देने का आग्रह किया, क्योंकि उनके बाकी सभी अधिकार इसी आधार पर टिके हैं।

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