एडीबी के साथ साझेदारी बिहार के लिए बहुत लाभकारी सिद्ध होगी :  मुख्य सचिव

Dayanand Roy
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पटना : बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में सोमवार को एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में वित्त, शिक्षा, जल संसाधन, कृषि, नगर विकास एवं आवास , नागरिक विमानन , पथ निर्माण, उद्योग, पर्यटन तथा युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभागों के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे।

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बैठक को संबोधित करते हुए  कहा कि बिहार वर्तमान में अपनी आर्थिक और ढांचागत व्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों में एक बड़ी छलांग लगाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने रेखांकित किया कि एडीबी के साथ साझेदारी राज्य के लिए बहुत लाभकारी सिद्ध होगी। मुख्य सचिव ने एडीबी टीम को आश्वस्त किया कि प्राप्त प्रस्तावों पर शीघ्र ही चर्चा की जाएगी और राज्य सरकार कार्य योजना के साथ जल्द ही वापस आएगी।

बैठक के दौरान भारत के लिए एडीबी की कंट्री डायरेक्टर मियो ओका ने एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें बिहार सरकार के साथ साझेदारी के प्रमुख क्षेत्रों को रेखांकित किया गया। प्रस्तुतीकरण में व्यापक बौद्ध सर्किट विकास, जल संसाधन और कृषि रूपांतरण परियोजना, व्यापक कौशल विकास परियोजना, चयनित शहरों के लिए शहरी बुनियादी ढांचा और लचीलापन परियोजना, ऊर्जा क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार और ग्रिड एकीकरण को सुदृढ़ करना तथा भविष्य के लिए तैयार वितरण ग्रिड शामिल है।

बिहार स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा रूपांतरण परियोजना पर भी चर्चा की गयी। बैठक में पारंपरिक परियोजनाओं के अलावा बिहार के भविष्य के लिए कई नए विचारों पर भी चर्चा हुई। महिलाओं पर केंद्रित बिहार में एमएसएमई विकास, विनिर्माण क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मकता और रसद, सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन कार्यक्रम को मजबूत करना, जिसमें पीपीपी विकास के लिए व्यापक समर्थन शामिल है। बिहार में स्कूली शिक्षा की नींव मजबूत करने के लिए ‘स्कूल रेडीनेस गैप’ को कम करने पर चर्चा की गयी।

इस साझेदारी के तहत गया और मुजफ्फरपुर में एकीकृत क्लस्टरों के माध्यम से बिहार के विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को मजबूत करने के साथ-साथ पूंजीगत परिव्यय दक्षता और राजस्व संग्रहण में सुधार के लिए सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन में सुधारों पर भी विचार किया जाएगा। सत्र के दौरान प्रतिनिधियों ने कहा कि बिहार के साथ एडीबी का रणनीतिक जुड़ाव उच्च-प्रभाव वाले, बहु-क्षेत्रीय समाधानों की ओर बढ़ रहा है। वैश्विक विशेषज्ञता को रियायती पूंजी के साथ जोड़कर, हमारा लक्ष्य बिहार के एक उच्च-उत्पादकता और नवाचार-प्रेरित अर्थव्यवस्था में परिवर्तन की गति को तेज करना है।

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