
चाईबासा, झारखंड – 18 मई 2025: सारंडा के घने जंगलों में छिपे नक्सली डंप का भंडाफोड़ करते हुए सुरक्षा बलों ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टोन्टो थाना क्षेत्र स्थित रुतागुटु गांव में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की संयुक्त टीम ने रविवार को छापेमारी की, जिसमें भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। यह कार्रवाई माओवादी गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।

नक्सली डंप से बरामद विस्फोटक सामग्री: IED, जिलेटिन, डेटोनेटर और गोलियां
सुरक्षाबलों को नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) के डंप से निम्नलिखित सामग्रियां बरामद हुईं:
- 5 शक्तिशाली आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस)
- 18 जिलेटिन छड़ें
- 2 डेटोनेटर
- 5.56 एमएम की एक गोली
- लोहे की पाइप, लगभग 50 मीटर इलेक्ट्रिक वायर
- 12 वोल्ट की दो और 9 वोल्ट की दो बैटरियां
- टिफिन बॉक्स, 2 प्रेशर कुकर, 2 हंटर शू
- 7 मैगजीन पाउच, 5 स्टील कंटेनर
- दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुएं
बम निरोधक दस्ते की सहायता से सभी विस्फोटकों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, ताकि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सारंडा और कोल्हान में सक्रिय माओवादी
जिला पुलिस सूत्रों के अनुसार, माओवादी संगठन के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु, अनल और असीम मंडल लंबे समय से सारंडा और कोल्हान के जंगलों में सक्रिय हैं। इनकी मौजूदगी को देखते हुए 2022 से लगातार सुरक्षात्मक अभियान चलाया जा रहा है। टोन्टो और गोईलकेरा थाना क्षेत्रों के विभिन्न गांवों में माओवादियों के ठिकानों को निशाना बनाकर अब तक कई सफलताएं हासिल की जा चुकी हैं।
Jharkhand Police and CRPF का संयुक्त ऑपरेशन
इस विशेष छापेमारी में निम्नलिखित बलों ने भाग लिया:
- चाईबासा पुलिस
- कोबरा बटालियन 203 व 209
- झारखंड जगुआर
- CRPF की 26वीं, 60वीं, 134वीं, 174वीं, 193वीं और 197वीं बटालियन
टीमों ने सटीक खुफिया सूचना के आधार पर संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया। अधिकारियों का कहना है कि जंगलों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और आने वाले दिनों में नक्सली नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए व्यापक स्तर पर ऑपरेशन जारी रहेगा।
Jharkhand News: नक्सलियों की रणनीति और सुरक्षा बलों की मुस्तैदी
विशेषज्ञों के अनुसार, यह बरामदगी माओवादियों की छुपी हुई रणनीति और उनके दीर्घकालिक योजनाओं का संकेत देती है। आईईडी और डेटोनेटर जैसी सामग्री आमतौर पर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल की जाती है, ऐसे में समय रहते इनका पकड़ा जाना सुरक्षा तंत्र की मुस्तैदी को दर्शाता है।
सुरक्षाबलों ने बताया कि नक्सलियों के इन गुप्त हथियार डंप का उद्देश्य पुलिस और सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाना था। लेकिन समय रहते इन्हें नष्ट कर दिया गया, जिससे संभावित बड़ी घटना टल गई।
Jharkhand Security Forces Alert: नक्सली गतिविधियों पर नजर
सारंडा, पश्चिमी सिंहभूम और कोल्हान क्षेत्र लंबे समय से नक्सल प्रभावित रहे हैं। इसके चलते झारखंड पुलिस और अर्धसैनिक बलों की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई है। नक्सलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक कई अहम ठिकानों को ध्वस्त किया जा चुका है।
विस्फोटकों की बरामदगी से माओवादी नेटवर्क को झटका
यह बरामदगी माओवादियों के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है। सुरक्षा बलों का मानना है कि इस डंप के जरिए माओवादी संगठन आसपास के क्षेत्रों में बड़ी हिंसक कार्रवाई को अंजाम देने की तैयारी में थे। लेकिन अभियान की सफलता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है।


