जिंक और बायोटिन सप्लीमेंट्स का बढ़ता चलन, लेकिन बिना सलाह सेवन हो सकता है खतरनाक

Dayanand Roy
2 Min Read
जिंक सप्लीमेंट्स या बायोटिन से स्वास्थ्य पर असर

आजकल बालों की ग्रोथ, चमकदार त्वचा और मजबूत नाखूनों के लिए जिंक और बायोटिन सप्लीमेंट्स का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। सोशल मीडिया और विज्ञापनों के प्रभाव में कई लोग बिना किसी चिकित्सकीय सलाह के इन सप्लीमेंट्स का सेवन शुरू कर देते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि बिना जांच और डॉक्टर की सलाह के इनका अधिक उपयोग स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

ज्यादा जिंक से हो सकती है कॉपर की कमी

जिंक शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और घावों को जल्दी भरने में मदद करता है। लेकिन लंबे समय तक इसकी अधिक मात्रा लेने से मतली, पेट दर्द, दस्त और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में जिंक की अधिकता कॉपर के अवशोषण को रोक देती है, जिससे कॉपर की कमी पैदा हो सकती है। यह स्थिति लंबे समय में कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।

बायोटिन की हाई डोज से प्रभावित हो सकती हैं मेडिकल रिपोर्ट्स

बायोटिन, जिसे विटामिन B7 भी कहा जाता है, बालों और त्वचा के लिए लोकप्रिय सप्लीमेंट माना जाता है। लेकिन यदि शरीर में इसकी कमी नहीं है, तो अतिरिक्त बायोटिन लेने से कोई विशेष लाभ नहीं मिलता। इसके विपरीत, इसकी अधिक मात्रा ब्लड और लैब टेस्ट के परिणामों को प्रभावित कर सकती है। इससे थायराइड और हृदय रोगों से जुड़े टेस्ट की रिपोर्ट गलत आ सकती है, जिससे इलाज में भ्रम की स्थिति बन सकती है।

डॉक्टर की सलाह है सबसे जरूरी

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी सप्लीमेंट का सेवन शुरू करने से पहले स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें। सही मात्रा और जरूरत के अनुसार ही सप्लीमेंट्स का उपयोग करना सुरक्षित और लाभकारी होता है।

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