Home Jharkhand हेमंत सरकार विकास और पारदर्शिता के रास्ते पर, भाजपा केवल भ्रम फैलाने में व्यस्त : विनोद पांडेय

हेमंत सरकार विकास और पारदर्शिता के रास्ते पर, भाजपा केवल भ्रम फैलाने में व्यस्त : विनोद पांडेय

by Dayanand Roy

 

रांची : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा लगाए गए हालिया आरोपों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है। झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने कहा है कि भाजपा नेताओं को झारखंड की निरंतर प्रगति रास नहीं आ रही है, इसलिए वे लगातार झूठे आरोपों और भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहे हैं।

झामुमो प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार जनहित, पारदर्शिता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर काम कर रही है। भाजपा का एकमात्र एजेंडा झूठी कहानियां गढ़कर जनता का ध्यान भटकाना है। लेकिन, झारखंड की जनता अब सब जानती है कि कौन काम कर रहा है और कौन केवल बयानबाजी में व्यस्त है।

 

भाजपा ने अपने शासन में जिन अफसरों का गुणगान किया अब उन्हें बता रहे पक्षपाती

श्री पांडेय ने कहा कि पुलिस किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि संविधान की शपथ लेकर कार्य करती है। कहा – मरांडी जी यह भूल गए हैं कि किसी भी मामले में कार्रवाई साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के तहत होती है। भाजपा जब सत्ता में थी, तब उन्हीं अधिकारियों की सेवा का गुणगान करती थी — आज वही अधिकारी उन्हें अचानक ‘पक्षपाती’ लगने लगे हैं। यह राजनीति नहीं, अवसरवाद है। झामुमो ने आरोप लगाया कि भाजपा जब भी किसी प्रभावशाली व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई होती देखती है, वह उसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ बताकर जनता को गुमराह करने की कोशिश करती है।

 

बढ़ता वन, इको-टूरिज्म जैसी उपलब्धियां भाजपा को नहीं पच रही

झामुमो प्रवक्ता ने  कहा कि वन विभाग में पदस्थापन और दायित्व वितरण पूरी तरह प्रशासनिक आवश्यकता और कार्य-सुविधा के अनुरूप है। किसी अधिकारी को अतिरिक्त जिम्मेदारी देना अनियमितता नहीं बल्कि काम की निरंतरता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया है। अगर किसी अधिकारी के पास एक से अधिक दायित्व हैं, तो इसका अर्थ है कि सरकार उसकी दक्षता और अनुभव का उपयोग करना चाहती है। भाजपा को झारखंड में बढ़ते वनावरण, इको-टूरिज्म और हरित विकास की उपलब्धियां पच नहीं रही हैं, इसलिए वह अधिकारियों और विभागों की छवि धूमिल करने में लगी है।

 

भाजपा पुलिस बल के मनोबल को गिराने का प्रयास कर रही

झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि पुलिस पदक देने की प्रक्रिया गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय की अनुशंसा से तय होती है। मुख्यमंत्री का इसमें कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता। किसी जवान का नाम सूची में आने पर उस पर राजनीतिक बयान देना अनुचित और असंवेदनशील है। उन्होंने सवाल किया कि – मरांडी जी मेहनती पुलिसकर्मियों की सेवा भावना का अपमान कर रहे हैं।

 

झामुमो प्रवक्ता विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा का ध्यान राज्य के विकास से नहीं, बल्कि झूठे आरोपों और मीडिया सुर्खियों पर है। जब-जब हेमंत सरकार जनहित में ठोस निर्णय लेती है, भाजपा अनर्गल आरोपों की बौछार करने लगती है। लेकिन, जनता अब भ्रमित नहीं होगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड आत्मनिर्भरता, हरित विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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