CM School of Excellence : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था, आधारभूत संरचना, शिक्षक नियुक्ति, विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की सभी शिक्षा योजनाओं का लाभ छात्रों तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
- 5000 CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाने की तैयारी
- अब नहीं रहेंगे सिंगल टीचर स्कूल
- हर सरकारी स्कूल में इंटरनेट और ICT लैब दुरुस्त करने के निर्देश
- शिक्षक बहाली और समय पर वेतन पर फोकस
- ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या में कमी
- सरकारी स्कूलों में खेल और परिवहन सुविधा पर जोर
- शहीद पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए बनेगा ‘दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय’
5000 CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य में CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर 5000 करने की योजना पर तेजी से काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हर पंचायत तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए आधुनिक और बेहतर स्कूलों का विस्तार जरूरी है।
अब नहीं रहेंगे सिंगल टीचर स्कूल
हेमंत सोरेन ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अगले 6 से 8 महीने के भीतर राज्य में कोई भी विद्यालय सिंगल टीचर के भरोसे नहीं चलेगा। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन समितियों के सहयोग से स्थानीय योग्य और शिक्षित युवाओं को अस्थायी रूप से शिक्षण कार्य से जोड़ने का सुझाव दिया। खासतौर पर छात्राओं को भी अवसर देने पर जोर दिया गया।
हर सरकारी स्कूल में इंटरनेट और ICT लैब दुरुस्त करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी सरकारी विद्यालयों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराई जाए और ICT लैब को बेहतर बनाया जाए, ताकि आधुनिक तकनीक के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।
शिक्षक बहाली और समय पर वेतन पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के रिक्त पदों को भरना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया को तेज करने और नव नियुक्त शिक्षकों के सभी सत्यापन कार्य इस महीने के अंत तक पूरा कर समय पर वेतन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या में कमी
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि झारखंड में स्कूल छोड़ने वाले (ड्रॉप आउट) बच्चों की संख्या में लगातार कमी आ रही है और राज्य इस मामले में राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति में है। मजदूरी या अन्य कारणों से पढ़ाई से दूर बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
सरकारी स्कूलों में खेल और परिवहन सुविधा पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने का निर्देश दिया। साथ ही पायलट प्रोजेक्ट के तहत छात्रों के लिए घर से स्कूल और स्कूल से घर तक परिवहन सुविधा शुरू करने पर भी जोर दिया।
शहीद पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए बनेगा ‘दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय’
बैठक में प्रस्तावित ‘दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय’ की स्थापना को लेकर भी चर्चा हुई। यह स्कूल रांची के जगुआर कैंपस में लगभग 6 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा, जहां शहीद पुलिसकर्मियों के बच्चों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर DPR (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह समेत शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
