हजारीबाग: हजारीबाग जिले की पुलिस को वाहन चोरी के खिलाफ एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। हजारीबाग पुलिस ने एक अंतर-क्षेत्रीय चोर गिरोह का खुलासा करते हुए 7 शातिर अपराधियों को दबोच लिया है। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर 17 चोरी की मोटरसाइकिल और एक टोटो बरामद किया है। इस कार्रवाई को हजारीबाग पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है।
कैसे हुआ खुलासा? (छापेमारी की पूरी कहानी)
- गुप्त सूचना: हजारीबाग एसपी अमन कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि जिले में एक नया मोटरसाइकिल चोर गिरोह सक्रिय है, जो वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा है और उनकी खरीद-बिक्री कर रहा है।
- विशेष टीम का गठन: सूचना मिलते ही एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया।
- छड़वा डैम के पास पकड़ाए आरोपी: छापेमारी टीम ने कार्रवाई करते हुए छड़वा डैम के पास कुछ संदिग्ध लड़कों को पकड़ा। कड़ाई से पूछताछ करने पर उनमें से चार मुख्य आरोपियों ने वाहन चोरी की बात स्वीकार की।
- गैराज मालिकों की संलिप्तता: एसपी अमन कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि चोरी की इन बाइकों को शहर के कुछ गैराजों में भी खपाया जाता था। इस मामले में पुलिस ने तीन गैराज मालिकों को भी गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
पुलिस द्वारा पकड़े गए 7 आरोपियों में शामिल हैं:
- मोहम्मद हुसैन
- इरफान अंसारी
- मोहम्मद मुन्ना
- तस्लीम अंसारी
- सरफराज आलम
- पवन कुमार साव
- फजरूद्दीन(ये सभी आरोपी हजारीबाग जिले के पेलावल और केरेडारी थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।)
ग्रामीण इलाकों में सस्ते दामों पर बेचते थे गाड़ियां
पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह शहर और आसपास के इलाकों से बाइक चुराकर उन्हें सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भोले-भाले लोगों को बहुत ही सस्ते दामों पर बेच दिया करता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने और इनके अन्य साथियों की तलाश में जुटी हुई है। सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में मामले दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
