साइबर अपराध के खिलाफ जामताड़ा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए चार शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से भारी मात्रा में मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जाता था।
छापेमारी और गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर, साइबर डीएसपी अमित रविदास के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया था। इस टीम ने नारायणपुर और कर्माटांड़ थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर कुल चार आरोपियों को दबोचा:
- नारायणपुर: बांका गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय के बरामदे से एक आरोपी को पकड़ा गया।
- कर्माटांड़: शीतलपुर मैदान में छापेमारी कर तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
- हसीम अंसारी (पिता – अनवर मियां, तारासोरिया) – जो पूर्व में भी साइबर थाना कांड संख्या 40/26 में आरोपी रह चुका है।
- सैयद अंसारी (पिता – जब्बार मियां, रटानिया)
- कोसर अंसारी (पिता – सकुर अंसारी)
- अफताब हुसैन (पिता – निजाम मियां, ताराबहाल)
ठगी का तरीका
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि ये शातिर ठग कैनरा बैंक के फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को अपना शिकार बनाते थे। इसके अलावा, ये मोबाइल पर 999 रुपये के कैशबैक का लुभावना मैसेज भेजते थे। जैसे ही पीड़ित उस लिंक या विकल्प को स्वीकार करते थे, फर्जी ऐप के जरिए उनके बैंक खातों से पैसे उड़ा लिए जाते थे।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के पास से 9 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद किए हैं। इनका नेटवर्क देश के कई अलग-अलग राज्यों तक फैला हुआ था। पुलिस ने आईटी एक्ट, टेलीकम्युनिकेशन एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है तथा इनके अन्य साथियों की तलाश और कुल ठगी की रकम का आकलन करने में जुट गई है।
